कैमूर की 146 पंचायतों में बनेंगे विवाह मंडप, 50 लाख रुपए होंगे खर्च; पहले चरण में 15 जगहों पर काम
बिहार के कैमूर जिले की पंचायतों में गरीब और जरूरतमंद परिवारों को राहत देने के लिए विवाह मंडप बनाने की योजना शुरू की गई है। जिले की 146 पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से विवाह मंडप का निर्माण कराया जाएगा। इस योजना पर करीब 50 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। पहले चरण में 15 पंचायतों में विवाह मंडप बनाने का काम शुरू किया जाएगा।
योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे परिवारों को सुविधा उपलब्ध कराना है, जिन्हें शादी-विवाह के आयोजन के लिए निजी स्थान या महंगे मैरिज हॉल का सहारा लेना पड़ता है। पंचायत स्तर पर विवाह मंडप उपलब्ध होने से ग्रामीण परिवारों को आयोजन के लिए जगह मिल सकेगी।
पहले चरण में 15 जगहों पर होगा निर्माण
योजना के पहले चरण में जिले की 15 पंचायतों का चयन किया गया है। इन पंचायतों में विवाह मंडप बनाने का काम प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा। इसके बाद अन्य पंचायतों में भी चरणबद्ध तरीके से निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
स्थानीय स्तर पर निर्माण के लिए उपयुक्त जगह का चयन किया जाएगा। इसके बाद निर्धारित योजना और मानकों के अनुसार विवाह मंडप का निर्माण कराया जाएगा।
50 लाख रुपए खर्च करने की योजना
जिले की 146 पंचायतों में विवाह मंडप निर्माण की योजना पर करीब 50 लाख रुपए खर्च किए जाने हैं। इसके तहत पंचायतों में सार्वजनिक उपयोग के लिए आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
विवाह मंडप बनने के बाद ग्रामीणों को शादी-विवाह के अलावा सामाजिक और सामुदायिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए भी स्थानीय स्तर पर जगह मिल सकेगी।
गरीब परिवारों को मिलेगी राहत
ग्रामीण क्षेत्रों में शादी के लिए स्थान की व्यवस्था करना गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए बड़ी चुनौती होती है। निजी मैरिज हॉल या अन्य आयोजन स्थल का किराया कई परिवारों के बजट पर अतिरिक्त बोझ डालता है।
पंचायत स्तर पर विवाह मंडप बनने से ऐसे परिवारों को कम खर्च में शादी समारोह आयोजित करने की सुविधा मिलने की उम्मीद है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक सुविधाओं का भी विस्तार होगा।
चरणबद्ध तरीके से सभी पंचायतों तक पहुंचेगी योजना
पहले चरण में 15 पंचायतों में काम शुरू होने के बाद योजना को अन्य पंचायतों तक विस्तार देने की तैयारी है। जिले की सभी 146 पंचायतों को इस योजना के दायरे में लाने का लक्ष्य रखा गया है।
अधिकारियों के स्तर पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा। योजना पूरी होने के बाद कैमूर के ग्रामीण इलाकों में सामाजिक आयोजनों के लिए स्थायी और सुविधाजनक स्थान उपलब्ध होंगे।

