बिहार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: दीपक कुमार CMO से बाहर, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बने
बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने मुख्यमंत्री कार्यालय में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालने वाले रिटायर्ड IAS अधिकारी दीपक कुमार को मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव पद से हटा दिया गया है। अब उन्हें बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (BSDMA) का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस संबंध में विभाग की ओर से 30 सितंबर को अधिसूचना जारी की गई।
दीपक कुमार 1984 बैच के IAS अधिकारी हैं और बिहार के मुख्य सचिव समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। उन्होंने 20 मार्च 2021 को IAS सेवा से सेवानिवृत्ति ली थी। इसके अगले ही दिन उन्हें तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का प्रधान सचिव नियुक्त किया गया था। इसके बाद वह लंबे समय तक मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े रहे।
करीब साढ़े पांच साल तक CMO में रहे
दीपक कुमार लगभग 66 महीने तक मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव की जिम्मेदारी संभालते रहे। नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से हटने और अप्रैल 2026 में सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नई सरकार बनने के बाद भी वह मुख्यमंत्री कार्यालय में बने रहे थे। सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद भी उन्हें प्रधान सचिव की जिम्मेदारी दी गई थी। अब सरकार ने उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय से बाहर नई जिम्मेदारी सौंपी है। उनके स्थानांतरण को बिहार प्रशासन में चल रहे बदलावों के क्रम में देखा जा रहा है। हालांकि सरकार की ओर से इसे प्रशासनिक फेरबदल के रूप में ही बताया गया है।
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में मिली जिम्मेदारी
दीपक कुमार को बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बनाया गया है। वह इस पद पर उदय कांत मिश्रा की जगह लेंगे। मिश्रा का कार्यकाल पूरा होने के बाद प्राधिकरण के उपाध्यक्ष का पद खाली था। प्राधिकरण के अध्यक्ष मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी हैं। बिहार में हर साल बाढ़, सुखाड़, अतिवृष्टि, आंधी-वज्रपात समेत कई प्राकृतिक आपदाओं की चुनौती रहती है। ऐसे में प्राधिकरण की जिम्मेदारी राज्य में आपदा से पहले तैयारी, जोखिम कम करने और राहत से जुड़ी व्यवस्थाओं पर काम करना है।
बिहार के मुख्य सचिव भी रह चुके हैं
दीपक कुमार का प्रशासनिक अनुभव काफी लंबा रहा है। वह बिहार के मुख्य सचिव और विकास आयुक्त जैसे महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं। केंद्र में प्रतिनियुक्ति के दौरान उन्होंने NHAI और कर्मचारी राज्य बीमा निगम जैसी संस्थाओं में भी जिम्मेदारियां संभालीं। इसके अलावा वह कई जिलों में जिलाधिकारी के पद पर भी तैनात रहे। अब मुख्यमंत्री कार्यालय से बाहर होने के बाद उनकी नई भूमिका आपदा प्रबंधन से जुड़े कामों पर केंद्रित होगी। वहीं, उनके हटने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नए प्रधान सचिव के नाम को लेकर भी नजरें बनी हुई हैं।

