बिहार में EOU की बड़ी कार्रवाई: लघु जल संसाधन विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के कई ठिकानों पर छापेमारी
बिहार में भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामलों पर शिकंजा कसते हुए आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की। लघु जल संसाधन विभाग में सासाराम में तैनात एग्जीक्यूटिव इंजीनियर अरविंद कुमार चौधरी के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई।
ईओयू की टीमें सासाराम स्थित आवास और कार्यालय के अलावा पटना, मुजफ्फरपुर और बांका में भी तलाशी अभियान चला रही हैं। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने महत्वपूर्ण दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और संपत्ति से जुड़े कागजात की जांच शुरू कर दी है।
एक साथ कई जिलों में कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, ईओयू ने पूर्व निर्धारित योजना के तहत अलग-अलग टीमों का गठन कर एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी की। कार्रवाई का उद्देश्य इंजीनियर की चल-अचल संपत्तियों, वित्तीय लेन-देन और आय के स्रोतों की जांच करना है।
छापेमारी के दौरान टीमों ने संबंधित परिसरों में मौजूद दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी जांच की।
आय से अधिक संपत्ति की जांच की आशंका
हालांकि ईओयू की ओर से आधिकारिक तौर पर कार्रवाई के कारणों का विस्तृत खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले में की जा रही है।
जांच एजेंसी इंजीनियर की घोषित आय और संपत्तियों का मिलान कर रही है। इसके अलावा बैंक खातों, निवेश और अन्य वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल की जा रही है।
दस्तावेजों की गहन जांच जारी
छापेमारी के दौरान बरामद दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या अवैध संपत्ति के साक्ष्य मिलते हैं तो ईओयू आगे की कानूनी कार्रवाई कर सकती है।
जांच पूरी होने के बाद होगा खुलासा
फिलहाल ईओयू की कार्रवाई जारी है। छापेमारी पूरी होने के बाद एजेंसी की ओर से बरामद नकदी, आभूषण, संपत्ति संबंधी दस्तावेज या अन्य सामान को लेकर विस्तृत जानकारी साझा किए जाने की संभावना है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई और आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा।

