EOU की बड़ी कार्रवाई, मनोज रजक के ठिकानों से 100 करोड़ की संपत्ति के साक्ष्य बरामद
बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) के कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार रजक के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उनके छह ठिकानों पर छापेमारी की है। इस दौरान टीम ने कथित तौर पर आय से अधिक संपत्ति से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं।
EOU की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि मनोज रजक के पास उनकी घोषित आय से कई गुना अधिक संपत्ति होने के संकेत मिले हैं। छापेमारी के दौरान अधिकारियों को जमीन, निवेश और अन्य संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज मिले हैं, जिनका संबंध बिहार के अलावा देश के अन्य राज्यों से भी बताया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, इस छापेमारी में लगभग 100 करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़े साक्ष्य एकत्र किए गए हैं। ये साक्ष्य यह दर्शाते हैं कि उनकी आय और संपत्ति के बीच बड़ा अंतर है, जिसके चलते इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।
EOU की टीम अब जब्त किए गए दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है। साथ ही, यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह संपत्ति किस स्रोत से अर्जित की गई है और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका हो सकती है। जांच के दौरान अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ भी की जा सकती है।
इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक और विभागीय स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है। भ्रष्टाचार के खिलाफ इस तरह की सख्त कार्रवाई को एक मजबूत संदेश के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में पारदर्शिता और सख्ती से जांच जरूरी है, ताकि सरकारी तंत्र में विश्वास बना रहे।
फिलहाल, EOU इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और आने वाले दिनों में इस केस में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

