पटना जंक्शन पर मेट्रो स्टेशन के लिए टूटेगा मदनी मुसाफिरखाना, दूध मार्केट और दर्जनों दुकानें भी हटेंगी
पटना में मेट्रो परियोजना के निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने के लिए पटना जंक्शन परिसर में बड़े स्तर पर जगह खाली कराने की तैयारी है। मेट्रो स्टेशन के इंट्री और एग्जिट गेट के निर्माण के लिए जंक्शन परिसर में स्थित मदनी मुसाफिरखाना को तोड़े जाने की योजना है। यह मुसाफिरखाना जमायत उलमा बिहार से जुड़ा बताया जा रहा है। इसके अलावा जंक्शन परिसर के आसपास मौजूद दूध मार्केट, ऑटो स्टैंड और दर्जनों दुकानों को भी हटाया जाएगा।
पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड की ओर से मेट्रो स्टेशन के निर्माण को लेकर परिसर में जरूरी जगह उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वार के लिए जिस हिस्से में निर्माण किया जाना है, वहां मौजूदा ढांचों को हटाने की जरूरत बताई गई है। इसी क्रम में मदनी मुसाफिरखाना को भी हटाया जाना प्रस्तावित है।
पटना जंक्शन शहर के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में शामिल है। यहां हर दिन बड़ी संख्या में यात्रियों की आवाजाही होती है। रेलवे स्टेशन और मेट्रो स्टेशन के बीच बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मेट्रो का प्रवेश और निकास मार्ग महत्वपूर्ण माना जा रहा है। निर्माण पूरा होने के बाद यात्रियों को रेलवे स्टेशन से मेट्रो तक पहुंचने में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
मेट्रो स्टेशन के निर्माण के लिए केवल मुसाफिरखाना ही नहीं, बल्कि जंक्शन परिसर के आसपास मौजूद कई अन्य व्यावसायिक और यातायात संबंधी स्थान भी प्रभावित होंगे। इनमें दूध मार्केट और ऑटो स्टैंड प्रमुख हैं। इसके साथ ही परिसर में चल रही दर्जनों दुकानों को भी हटाने की तैयारी है। इससे इन स्थानों पर कारोबार करने वाले दुकानदारों और ऑटो चालकों पर भी असर पड़ेगा।
स्थानीय स्तर पर दुकानदारों और अन्य प्रभावित लोगों के लिए यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकती है। दुकानें हटने से उनके कारोबार पर असर पड़ने की संभावना है। ऐसे में पुनर्वास, वैकल्पिक स्थान और मुआवजे जैसे सवाल भी उठ सकते हैं। हालांकि इन दुकानदारों के लिए क्या व्यवस्था की जाएगी, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
पटना मेट्रो परियोजना को शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रेलवे स्टेशन जैसे प्रमुख यातायात केंद्र को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने से यात्रियों को शहर के विभिन्न हिस्सों तक आने-जाने में सुविधा मिलने की उम्मीद है। हालांकि निर्माण कार्य के लिए मौजूदा बाजार और ढांचों को हटाने से कुछ समय के लिए स्थानीय स्तर पर परेशानी भी बढ़ सकती है।
फिलहाल मेट्रो स्टेशन के इंट्री और एग्जिट गेट के निर्माण के लिए जगह खाली कराने की प्रक्रिया चर्चा में है। मदनी मुसाफिरखाना, दूध मार्केट, ऑटो स्टैंड और आसपास की दुकानों को हटाने के बाद निर्माण कार्य को गति मिलने की उम्मीद है। अब यह देखना होगा कि प्रभावित दुकानदारों और अन्य लोगों के लिए प्रशासन की ओर से क्या व्यवस्था की जाती है और निर्माण कार्य किस समय-सीमा में आगे बढ़ता है।

