वैशाली में ट्रिडस रेमेडीज कंपनी के गेट पर ताला, तेलंगाना–हिमाचल में कफ सिरप पर प्रतिबंध का असर
वैशाली जिले के हाजीपुर औद्योगिक क्षेत्र में स्थित कफ सिरप निर्माता कंपनी ट्रिडस रेमेडीज के गेट पर ताला लगने की खबर सामने आई है। यह घटना तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में कंपनी के उत्पादों पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद हुई है। जानकारी के अनुसार, जिन कफ सिरप ब्रांडों पर तेलंगाना में रोक लगी थी, उनका निर्माण इसी हाजीपुर स्थित औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्री में किया जाता था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कंपनी के गेट पर यह ताला कई दिनों से लगा हुआ है और फैक्ट्री में उत्पादन पूरी तरह ठप्प है। इलाके के व्यापारियों और कर्मचारियों में भी इसे लेकर चिंता का माहौल है। कर्मचारियों का कहना है कि उत्पादन ठप होने के कारण उनके वेतन और रोजगार पर असर पड़ सकता है।
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों का कहना है कि दवा कंपनी के खिलाफ जल्द ही कार्रवाई की संभावना है। अधिकारियों का कहना है कि कंपनी के निर्माण प्रक्रियाओं और उत्पादों की गुणवत्ता जांचने के बाद ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। अधिकारियों ने यह भी बताया कि अगर उत्पादन और गुणवत्ता मानकों में कोई भी उल्लंघन पाया जाता है, तो कंपनी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मालूम हो कि तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश ने स्वास्थ्य संबंधी कारणों से ट्रिडस रेमेडीज के कुछ कफ सिरप उत्पादों पर प्रतिबंध लगाया था। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों के लिए बनाए जाने वाले सिरप में किसी भी तरह की हानिकारक सामग्री पाई गई तो यह गंभीर मामला बन सकता है। इसीलिए संबंधित राज्य सरकारों ने तुरंत प्रतिबंध लगाकर सुरक्षित कदम उठाया।
हाजीपुर औद्योगिक थाना क्षेत्र के स्थानीय लोग और व्यापारिक समुदाय इस फैसले से परेशान हैं। उनका कहना है कि कई छोटे दुकानदारों और वितरकों ने इस कंपनी के उत्पादों पर लंबे समय से भरोसा किया हुआ था और अचानक प्रतिबंध से उनके व्यवसाय पर असर पड़ा है। वहीं कर्मचारियों ने भी प्रशासन से जल्द समाधान की उम्मीद जताई है।
फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग और औषधि नियंत्रक कार्यालय (DCGI) मामले की गहन जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि फैक्ट्री का निरीक्षण और कफ सिरप के सैंपल परीक्षण के बाद ही यह तय किया जाएगा कि कंपनी को उत्पादन शुरू करने की अनुमति दी जा सकती है या नहीं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में उत्पादन और गुणवत्ता मानकों की निगरानी बेहद जरूरी है। बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ही राज्य और केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। ऐसे मामलों से यह भी स्पष्ट होता है कि औषधि उद्योग में नियामक नियंत्रण और पारदर्शिता आवश्यक है।
कुल मिलाकर, वैशाली जिले की ट्रिडस रेमेडीज कंपनी पर लगे प्रतिबंध और फैक्ट्री के गेट पर ताला इस बात का संकेत है कि स्वास्थ्य मानकों का पालन न करना गंभीर परिणाम ला सकता है। आने वाले दिनों में स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई और जांच के निष्कर्ष से ही स्पष्ट होगा कि कंपनी अपने उत्पादन को फिर से शुरू कर पाएगी या नहीं।

