बिहार में बारिश कम, फिर भी आसमानी आफत ज्यादा; जागरूकता के बावजूद नहीं थम रहा वज्रपात से मौतों का सिलसिला
बिहार में इस साल मानसून के दौरान बारिश भले ही सामान्य से कम रही हो, लेकिन वज्रपात ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। कम बारिश के बावजूद राज्य के अलग-अलग हिस्सों में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इन हादसों में कई लोगों की जान जा चुकी है। सरकार और प्रशासन की ओर से वज्रपात से बचाव के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाए जाने के बावजूद मौतों का सिलसिला पूरी तरह थम नहीं पाया है।
बारिश से ज्यादा वज्रपात ने डराया
मानसून के दौरान बिहार में आमतौर पर तेज बारिश के साथ वज्रपात की घटनाएं होती हैं। इस बार कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कम रही हैं, लेकिन गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं चिंता का कारण बनी हुई हैं। खासकर ग्रामीण इलाकों में खेतों में काम करने वाले लोगों और खुले स्थानों पर रहने वालों के लिए खतरा अधिक बना रहता है।
मौसम में अचानक बदलाव के दौरान बादल गरजने और बिजली चमकने के साथ आसमानी बिजली गिरने की घटनाएं होती हैं। कई बार लोग चेतावनी मिलने के बावजूद खेत, सड़क या खुले मैदान में बने रहते हैं, जिससे हादसे की आशंका बढ़ जाती है।
जागरूकता अभियान का भी नहीं दिख रहा पूरा असर
वज्रपात से होने वाली मौतों को कम करने के लिए राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से लगातार लोगों को जागरूक किया जाता है। मोबाइल संदेश, सोशल मीडिया, स्थानीय प्रशासन और विभिन्न प्रचार माध्यमों के जरिए लोगों को मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जाती है।
लोगों को बताया जाता है कि आकाश में बादल गरजने या बिजली चमकने के दौरान पेड़ के नीचे खड़े न हों। खुले मैदान, खेत और जलाशयों से दूर रहने तथा पक्की इमारत के भीतर शरण लेने की सलाह दी जाती है। इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में सावधानी की कमी कई बार जानलेवा साबित हो जाती है।
किसानों के लिए सबसे बड़ा खतरा
मानसून के दौरान वज्रपात का सबसे ज्यादा खतरा उन लोगों को रहता है जो खेती-किसानी के काम से लंबे समय तक खुले स्थानों पर रहते हैं। खेतों में काम करते समय अचानक मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान तक पहुंचने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाता।
विशेषज्ञों के अनुसार बादलों की तेज गर्जना सुनाई देने पर लोगों को तुरंत खुले स्थान से हट जाना चाहिए। बिजली गिरने का इंतजार करने के बजाय पहले से सतर्क रहना जरूरी है। खेतों में काम कर रहे लोगों को मौसम संबंधी अलर्ट पर लगातार नजर रखनी चाहिए।
मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेना जरूरी
मौसम विभाग समय-समय पर अलग-अलग जिलों के लिए आंधी, बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी करता है। ऐसे अलर्ट को सिर्फ बारिश की सूचना समझकर नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। वज्रपात कुछ ही मिनटों में गंभीर हादसे का कारण बन सकता है।
लोगों से अपील की जा रही है कि मौसम खराब होने पर अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। यदि कोई व्यक्ति खुले स्थान पर है और अचानक बिजली चमकने लगे तो वह जल्द से जल्द सुरक्षित, बंद स्थान में चला जाए।
बिहार में इस मानसून की तस्वीर यही बताती है कि बारिश की मात्रा कम होने का मतलब यह नहीं है कि मौसम संबंधी खतरा भी कम है। वज्रपात का खतरा अलग तरीके से बना रह सकता है। ऐसे में सरकारी जागरूकता अभियानों के साथ लोगों की सतर्कता भी बेहद जरूरी है। छोटी सी सावधानी कई परिवारों को बड़ी त्रासदी से बचा सकती है।

