जदयू प्रवक्ता नवल शर्मा ने बुधवार को कहा कि वक्फ बिल पर अल्पसंख्यकों के हितैषी बनने वाले लालू प्रसाद का राजनीतिक इतिहास सत्ता में मुसलमानों की भागीदारी के खिलाफ रहा है। 2005 के बिहार विधानसभा चुनाव के बाद खंडित जनादेश की स्थिति में जब स्वर्गीय रामविलास पासवान ने मुस्लिम मुख्यमंत्री की मांग की तो लालू ने मुस्लिम को मुख्यमंत्री बनाने के बजाय सरकार न बनाने का फैसला किया। जब चारा घोटाले में लालू प्रसाद का जेल जाना तय हुआ और उनकी अनुपस्थिति में मुख्यमंत्री पद के लिए अब्दुल बारी सिद्दीकी का नाम सामने आया तो मुसलमानों के प्रति उनका प्रेम एक बार फिर उजागर हुआ।

