Samachar Nama
×

Lalu Yadav Case: जमानत रद्द करने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, केंद्र ने हाई कोर्ट के फैसले पर उठाए सवाल

Lalu Yadav Case: जमानत रद्द करने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, केंद्र ने हाई कोर्ट के फैसले पर उठाए सवाल

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से हाई कोर्ट के फैसले पर सवाल उठाए गए हैं। सुनवाई के दौरान एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) ने दलील दी कि हाई कोर्ट ने सजा पर रोक लगाने का फैसला एक गलत आधार पर लिया था।

केंद्र की ओर से तर्क दिया गया कि हाई कोर्ट ने यह मानते हुए सजा पर रोक लगाई कि लालू प्रसाद यादव अपनी सजा का 50 फीसदी हिस्सा पूरा कर चुके हैं, जबकि यह आधार सही नहीं था। इस मामले में पहले दाखिल की गई दो अर्जियां खारिज हो चुकी थीं, लेकिन तीसरी अर्जी को कथित रूप से गलत तथ्यों के आधार पर मंजूरी दी गई।

हाई कोर्ट के आदेश पर उठाए गए सवाल

सुनवाई के दौरान एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि सजा पर रोक लगाने के लिए तय कानूनी मानकों को हाई कोर्ट ने सही तरीके से लागू नहीं किया।

उन्होंने कहा कि इससे पहले लालू प्रसाद यादव की ओर से सजा पर रोक लगाने के लिए दो बार आवेदन किया गया था, जिन्हें अदालत ने खारिज कर दिया था। इसके बाद तीसरी बार दाखिल याचिका को मंजूरी दी गई, लेकिन उसके आधार में तथ्यात्मक गलती थी।

50 फीसदी सजा पूरी करने के तर्क पर आपत्ति

केंद्र सरकार की ओर से कहा गया कि केवल सजा की एक निश्चित अवधि पूरी कर लेने के आधार पर सजा पर रोक नहीं लगाई जा सकती। इसके लिए मामले की परिस्थितियों और अन्य कानूनी पहलुओं पर भी विचार जरूरी होता है।

ASG ने अदालत में दलील दी कि हाई कोर्ट का आदेश इस आधार पर कमजोर है क्योंकि इसमें सजा की अवधि को लेकर गलत गणना की गई।

पहले भी खारिज हो चुकी थीं याचिकाएं

सुनवाई के दौरान यह भी बताया गया कि लालू प्रसाद यादव की ओर से सजा पर रोक लगाने को लेकर पहले दाखिल की गई दो याचिकाओं को अदालत ने स्वीकार नहीं किया था।

केंद्र का कहना है कि बाद में दाखिल तीसरी याचिका पर राहत देते समय उन तथ्यों पर पर्याप्त विचार नहीं किया गया, जिनके आधार पर पहले की अर्जियां खारिज हुई थीं।

सुप्रीम कोर्ट में जारी है सुनवाई

मामला अब सुप्रीम कोर्ट के सामने है, जहां दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलीलें रख रहे हैं। केंद्र सरकार हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दे रही है, जिसके तहत लालू प्रसाद यादव को राहत मिली थी।

वहीं, लालू प्रसाद यादव की ओर से हाई कोर्ट के फैसले को सही ठहराने की कोशिश की जा रही है। अदालत की सुनवाई के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हाई कोर्ट के आदेश पर आगे क्या फैसला लिया जाता है।

फिलहाल इस मामले पर राजनीतिक और कानूनी दोनों ही नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि लालू प्रसाद यादव बिहार की राजनीति के प्रमुख चेहरों में शामिल हैं।

Share this story

Tags