Samachar Nama
×

आरसीपी सिंह की जदयू में वापसी के सपनों पर ललन सिंह का ब्रेक, बोले— पार्टी में अब उनके लिए कोई जगह नहीं

आरसीपी सिंह की जदयू में वापसी के सपनों पर ललन सिंह का ब्रेक, बोले— पार्टी में अब उनके लिए कोई जगह नहीं

बिहार की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह की जनता दल यूनाइटेड (जदयू) में वापसी की अटकलों पर पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने साफ तौर पर विराम लगा दिया है। ललन सिंह ने दो टूक शब्दों में कहा है कि आरसीपी सिंह की पार्टी में वापसी का सपना कभी पूरा नहीं होगा।

हाल के दिनों में यह चर्चा जोर पकड़ रही थी कि आरसीपी सिंह एक बार फिर जदयू में लौट सकते हैं। खुद आरसीपी सिंह ने भी संकेत दिए थे कि वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को “किसी और से बेहतर” जानते हैं और भविष्य में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। लेकिन ललन सिंह के ताजा बयान के बाद इन अटकलों पर लगभग विराम लग गया है।

जब आरसीपी सिंह की संभावित वापसी को लेकर सवाल किया गया, तो ललन सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “जिन लोगों ने पार्टी को 70 से अधिक सीटों से घटाकर 40 से कुछ अधिक सीटों पर पहुंचा दिया, उनके लिए अब जदयू में कोई जगह नहीं है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी ने जनता का विश्वास दोबारा हासिल किया है और अब पुराने अध्याय दोहराने का कोई सवाल ही नहीं उठता।

ललन सिंह का यह बयान सीधे तौर पर आरसीपी सिंह के कार्यकाल की ओर इशारा करता है, जब वे जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। उस दौर में पार्टी को चुनावों में भारी नुकसान उठाना पड़ा था। ललन सिंह ने संकेत दिया कि जदयू अब उस दौर की गलतियों से आगे निकल चुकी है और पार्टी नेतृत्व ऐसे चेहरों को दोबारा मौका देने के मूड में नहीं है, जिनकी वजह से संगठन को नुकसान पहुंचा।

इतना ही नहीं, ललन सिंह ने इस दौरान जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग बिहार की राजनीति में नए प्रयोग करने का दावा कर रहे हैं, लेकिन जनता सब देख रही है और सही समय पर जवाब भी देगी। हालांकि उन्होंने प्रशांत किशोर का नाम लिए बिना उनके राजनीतिक प्रयासों को अप्रत्यक्ष रूप से खारिज करने की कोशिश की।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ललन सिंह का यह बयान जदयू के भीतर नेतृत्व और संगठन को लेकर स्पष्ट संदेश देता है। इससे यह भी साफ हो गया है कि पार्टी अब किसी भी तरह की अंदरूनी खींचतान या पुराने विवादों को दोबारा जीवित नहीं करना चाहती।

आरसीपी सिंह की वापसी की चर्चाओं पर पूर्ण विराम लगाते हुए ललन सिंह ने यह भी कहा कि जदयू आज पहले से ज्यादा मजबूत स्थिति में है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में पार्टी आगे बढ़ रही है। जनता ने एक बार फिर भरोसा जताया है और पार्टी उसी भरोसे पर खरी उतरने के लिए प्रतिबद्ध है।

कुल मिलाकर, ललन सिंह के इस बयान ने बिहार की राजनीति में चल रही तमाम अटकलों को शांत कर दिया है। अब यह साफ हो गया है कि आरसीपी सिंह के लिए जदयू के दरवाजे बंद हैं और पार्टी भविष्य की राजनीति पर फोकस करने के मूड में है, न कि अतीत की ओर लौटने के।

Share this story

Tags