सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई, कौशिक की 2.01 करोड़ की पांच संपत्तियां जब्त
सिपाही भर्ती परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामले में जांच एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई की है। कौशिक की 2.01 करोड़ रुपये मूल्य की पांच अचल संपत्तियों को जब्त कर लिया गया है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई है। कौशिक पर प्रॉक्सी कंपनी बनाकर सिपाही भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्रों की छपाई का ठेका हासिल करने और आरोपियों के साथ साठगांठ कर प्रश्नपत्र लीक कराने का आरोप है।
जांच के अनुसार, इस मामले में परीक्षा प्रश्नपत्र की छपाई का ठेका हासिल करने के लिए कथित तौर पर एक प्रॉक्सी कंपनी का इस्तेमाल किया गया था। आरोप है कि कौशिक ने इस कंपनी के माध्यम से ठेका हासिल किया और बाद में परीक्षा से जुड़े अन्य आरोपियों के साथ मिलकर प्रश्नपत्र लीक कराने की साजिश में भूमिका निभाई।
2.01 करोड़ की पांच संपत्तियां जब्त
जांच एजेंसी ने कौशिक से जुड़ी पांच अचल संपत्तियों को जब्त किया है। इन संपत्तियों का कुल मूल्य 2.01 करोड़ रुपये बताया गया है। एजेंसी ने यह कार्रवाई पीएमएलए के प्रावधानों के तहत की है।
धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत अपराध से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उन्हें जब्त करने का प्रावधान है। इसी कानूनी प्रक्रिया के तहत कौशिक की संपत्तियों पर कार्रवाई की गई है।
प्रॉक्सी कंपनी के जरिए ठेका लेने का आरोप
कौशिक पर आरोप है कि उसने अपनी वास्तविक पहचान और भूमिका छिपाने के लिए प्रॉक्सी कंपनी बनाई थी। इसके जरिए सिपाही भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्रों की छपाई का ठेका हासिल किया गया। आरोप है कि ठेका मिलने के बाद उसने परीक्षा से जुड़े दूसरे आरोपियों के साथ साठगांठ की और प्रश्नपत्र लीक कराने में मदद की।
जांच एजेंसी की कार्रवाई से बढ़ी हलचल
परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होने के मामलों में अभ्यर्थियों के भविष्य और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे मामलों में जांच एजेंसियां आर्थिक लेनदेन और कथित अपराध से अर्जित संपत्तियों की भी पड़ताल करती हैं।
फिलहाल कौशिक पर लगे आरोपों और जब्त की गई संपत्तियों से जुड़े मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही होगा।

