दरभंगा में कमला नदी पुल की हालत जर्जर, सुरक्षा दीवारों में आई दरार; ग्रामीणों ने नए ब्रिज निर्माण की उठाई मांग
बिहार के दरभंगा जिले में कमला नदी पर बने पुराने पुल की जर्जर हालत ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पुल की सुरक्षा दीवारों में जगह-जगह दरारें आ गई हैं, जिससे हादसे का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि इस पुल से रोजाना हजारों लोग आवाजाही करते हैं, लेकिन लंबे समय से इसकी मरम्मत नहीं होने से स्थिति खराब होती जा रही है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द नया पुल बनाने की मांग की है, ताकि किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।
सुरक्षा दीवारों में दिखने लगीं दरारें
जानकारी के अनुसार, कमला नदी पर बना यह पुल क्षेत्र के कई गांवों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। समय के साथ पुल की सुरक्षा दीवारें कमजोर हो गई हैं और उनमें बड़ी-बड़ी दरारें दिखाई देने लगी हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में पुल की स्थिति और खराब हो सकती है। नदी में पानी का स्तर बढ़ने पर खतरा और बढ़ जाता है।
रोजाना हजारों लोग करते हैं सफर
यह पुल स्थानीय लोगों के लिए बेहद अहम है। आसपास के गांवों के लोग रोजाना इसी रास्ते से बाजार, स्कूल, अस्पताल और अन्य जरूरी कामों के लिए आते-जाते हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक, बड़ी संख्या में पैदल यात्रियों के साथ-साथ छोटे-बड़े वाहन भी पुल से गुजरते हैं। ऐसे में पुल की खराब स्थिति किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है।
ग्रामीणों ने उठाई नए पुल की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से पुल की जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि केवल मरम्मत से काम नहीं चलेगा, बल्कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए यहां नया ब्रिज बनाया जाना चाहिए।
लोगों ने बताया कि लंबे समय से पुल की स्थिति को लेकर शिकायत की जा रही है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ है।
बारिश में बढ़ जाता है खतरा
मानसून के दौरान नदी में पानी का बहाव तेज हो जाता है। ऐसे में पुल की कमजोर संरचना लोगों के लिए खतरा बन सकती है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन जल्द विशेषज्ञों की टीम भेजकर पुल की मजबूती की जांच कराए और जरूरत पड़ने पर तत्काल कदम उठाए।
प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद
कमला नदी पुल की जर्जर स्थिति को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि किसी हादसे के बाद कार्रवाई करने से बेहतर है कि पहले ही सुरक्षा के इंतजाम कर लिए जाएं।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कब तक कदम उठाता है और पुल की मरम्मत या नए निर्माण को लेकर क्या फैसला लिया जाता है।

