जमुई पीड़िता की फोटो पोस्ट मामला: CM सचिवालय कर्मचारी पर POCSO एक्ट में केस, जांच शुरू
बिहार के जमुई कांड की नाबालिग पीड़िता की मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के मामले में कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री सचिवालय में तैनात स्टेनोग्राफर सागर प्रसाद के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि पीड़िता की तस्वीर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट की गई थी। इसके बाद तस्वीर को लेकर विवाद खड़ा हो गया था।
नाबालिग की पहचान उजागर करने का आरोप
मामले में आरोप है कि सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर हो गई। कानून के अनुसार यौन अपराधों से जुड़े मामलों में पीड़ित नाबालिग की पहचान सार्वजनिक नहीं की जा सकती।विवाद बढ़ने के बाद संबंधित पोस्ट को हटा दिया गया था। इसके बाद मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू हुई।
सचिवालय कर्मचारी पर दर्ज हुआ केस
मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात स्टेनोग्राफर सागर प्रसाद के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि फोटो किस प्रक्रिया के तहत सोशल मीडिया पर साझा की गई।
फोटो पोस्ट को लेकर उठा था विवाद
जमुई मामले की पीड़िता और उसके परिवार से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुलाकात की थी। इस मुलाकात की तस्वीर मुख्यमंत्री के आधिकारिक एक्स हैंडल से साझा की गई थी।तस्वीर में नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर होने का आरोप लगाते हुए विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने सवाल उठाए थे। इसके बाद पोस्ट को हटा दिया गया।फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।

