बिहार के जहानाबाद में गणतंत्र दिवस समारोह में जलेबी विवाद, पंचायत भवन रणक्षेत्र बन गया
बिहार के जहानाबाद जिले के पर्सबिगहा थाना क्षेत्र में गणतंत्र दिवस के मौके पर हुए झंडा फहराने के समारोह के बाद भारी विवाद सामने आया। मामला गोनवां पंचायत भवन का है, जो झंडा फहराने और जलेबी वितरण के दौरान अचानक रणक्षेत्र में तब्दील हो गया।
सूत्रों के अनुसार, गणतंत्र दिवस पर पंचायत भवन में झंडा फहराने के बाद जलेबी वितरण का आयोजन किया गया था। लेकिन जैसे ही जलेबी बांटी गई, स्थानीय लोग इसे लेकर आपस में भिड़ गए और जलेबी लेकर भागने लगे। पंचायत अधिकारियों द्वारा इसे रोकने की कोशिश की गई, लेकिन मामला हिंसक स्थिति में बदल गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, विवाद के दौरान महिला और पुरुषों की भीड़ ने लाठी-डंडों का इस्तेमाल करते हुए हमला किया। इस हिंसक स्थिति के कारण पंचायत भवन परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक ग्रामीणों ने कई गाड़ियों में तोड़-फोड़ कर नुकसान पहुंचा दिया।
इस घटना के दौरान पंचायत मुखिया को भी अपनी जान बचानी पड़ी और उन्हें किसी तरह से वहां से सुरक्षित बाहर निकलना पड़ा। इस हिंसा में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना फिलहाल नहीं मिली है, लेकिन संपत्ति और सरकारी वाहन को काफी नुकसान पहुंचा है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामला स्थानीय विवाद और अनुशासनहीनता से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि सभी नुकसान और हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आसपास के लोगों से अपील की है कि वह शांति बनाए रखें और प्रशासनिक जांच में सहयोग करें।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं न केवल गणतंत्र दिवस जैसी राष्ट्रीय घटनाओं की गरिमा को चोट पहुंचाती हैं, बल्कि स्थानीय प्रशासन और पंचायत के कामकाज पर भी गंभीर असर डालती हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि बड़े आयोजनों में सुरक्षा और व्यवस्थापन का उचित इंतजाम किया जाना चाहिए।
ग्रामीणों का कहना है कि विवाद की शुरुआत जलेबी वितरण को लेकर हुई, लेकिन यह पहले से मौजूद समूहिक तनाव और स्थानीय राजनीति का परिणाम भी हो सकती है। कुछ लोगों का मानना है कि यदि आयोजन की योजना सही ढंग से और नियंत्रित तरीके से बनाई जाती, तो यह हिंसक घटना टाली जा सकती थी।
कुल मिलाकर, जहानाबाद के गोनवां पंचायत भवन में गणतंत्र दिवस के मौके पर हुए जलेबी विवाद ने परिसर को रणक्षेत्र में बदल दिया। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सभी जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। घटना ने यह भी उजागर किया है कि त्योहार और राष्ट्रीय कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थित वितरण की कितनी अहमियत होती है।

