जगदीशपुर अनुमंडलीय अस्पताल बदहाल: डॉक्टरों और संसाधनों की कमी से मरीज परेशान, 80 बेड का अस्पताल व्यवस्था के इंतजार में
भोजपुर जिले के जगदीशपुर अनुमंडलीय अस्पताल में चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों और बुनियादी संसाधनों की भारी कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित हो रही हैं। वर्ष 2010 में आरा-मोहनियां राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थापित यह 80 बेड का अस्पताल अनुमंडल क्षेत्र के लाखों लोगों के इलाज का प्रमुख केंद्र है, लेकिन आवश्यक संसाधनों के अभाव में मरीजों को अपेक्षित स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी लंबे समय से बनी हुई है। कई महत्वपूर्ण पद रिक्त होने के कारण मरीजों को सामान्य बीमारियों के इलाज के लिए भी निजी अस्पतालों या जिला मुख्यालय का रुख करना पड़ता है। इससे मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है और गंभीर रोगियों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है।
अस्पताल में स्वास्थ्यकर्मियों की कमी भी बड़ी समस्या बनी हुई है। सीमित स्टाफ के कारण उपलब्ध कर्मचारियों पर कार्यभार बढ़ गया है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि जांच, उपचार और अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए उन्हें लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है।
बुनियादी संसाधनों की कमी भी अस्पताल की कार्यप्रणाली पर असर डाल रही है। कई आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की अनुपलब्धता और कुछ सुविधाओं के पर्याप्त रूप से संचालित नहीं होने के कारण मरीजों को बेहतर इलाज नहीं मिल पा रहा है। कई मामलों में मरीजों को जांच और उपचार के लिए अन्य अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है।
अनुमंडल क्षेत्र की बड़ी आबादी इस अस्पताल पर निर्भर है। ऐसे में स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने सरकार से अस्पताल में डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के रिक्त पदों को शीघ्र भरने की मांग की है। साथ ही आधुनिक चिकित्सा उपकरण, दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता और अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई जा रही है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सक और संसाधन उपलब्ध करा दिए जाएं तो बड़ी संख्या में मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर इलाज मिल सकेगा। इससे जिला अस्पतालों पर भी दबाव कम होगा और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिल पाएंगी।
फिलहाल स्थानीय लोगों की उम्मीद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से है कि अस्पताल की बदहाल व्यवस्था में जल्द सुधार किया जाएगा। यदि रिक्त पदों को भरा जाता है और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाते हैं, तो जगदीशपुर अनुमंडलीय अस्पताल एक बार फिर अनुमंडल क्षेत्र के लोगों के लिए प्रभावी स्वास्थ्य केंद्र बन सकता है।

