जगदीशपुर अनुमंडलीय अस्पताल में डॉक्टरों का गंभीर संकट, 32 स्वीकृत पदों में सिर्फ सात चिकित्सक कार्यरत
भोजपुर जिले के जगदीशपुर अनुमंडलीय अस्पताल में डॉक्टरों की भारी कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित हो रही हैं। 80 बेड वाले इस अस्पताल में चिकित्सकों के 32 स्वीकृत पद हैं, लेकिन वर्तमान में केवल सात डॉक्टर ही कार्यरत हैं। ऐसे में अनुमंडल क्षेत्र की बड़ी आबादी को पर्याप्त और समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है।
वर्ष 2010 में आरा-मोहनियां राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थापित यह अस्पताल जगदीशपुर अनुमंडल के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य केंद्र है। प्रतिदिन सैकड़ों मरीज इलाज के लिए यहां पहुंचते हैं, लेकिन डॉक्टरों की भारी कमी के चलते मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। कई बार विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को जिला अस्पताल या निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।
अस्पताल में सिर्फ सात डॉक्टरों के भरोसे ओपीडी, इमरजेंसी, प्रसूति सेवाएं और अन्य जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन किया जा रहा है। सीमित चिकित्सकों पर बढ़ते कार्यभार का असर इलाज की गुणवत्ता और मरीजों की सुविधा पर भी पड़ रहा है। स्वास्थ्यकर्मियों की कमी भी व्यवस्था को प्रभावित कर रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ-साथ आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और आवश्यक संसाधनों की भी कमी है। कई बार जांच और इलाज की सुविधाएं सीमित होने के कारण मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त लागत उठानी पड़ती है।
क्षेत्र के सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल में रिक्त पदों पर जल्द नियुक्ति करने की मांग की है। उनका कहना है कि अनुमंडल स्तर के इस अस्पताल में पर्याप्त डॉक्टर और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि चिकित्सकों के रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए और अस्पताल में आवश्यक सुविधाएं बढ़ाई जाएं, तो बड़ी संख्या में मरीजों का स्थानीय स्तर पर ही बेहतर उपचार संभव हो सकेगा। इससे जिला अस्पतालों पर भी मरीजों का दबाव कम होगा।
फिलहाल जगदीशपुर अनुमंडलीय अस्पताल में डॉक्टरों की कमी स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग जल्द ठोस कदम उठाकर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करेंगे, ताकि क्षेत्र की जनता को बेहतर और समय पर इलाज मिल सके।

