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झारखंड में अंतरराज्यीय मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, 15 आरोपी गिरफ्तार, 12 अपहृत बच्चे सकुशल बरामद

झारखंड में अंतरराज्यीय मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, 15 आरोपी गिरफ्तार, 12 अपहृत बच्चे सकुशल बरामद

झारखंड पुलिस ने बच्चों के अपहरण और मानव तस्करी से जुड़े एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। विशेष जांच टीम (एसआईटी) की ओर से की गई इस व्यापक कार्रवाई में अब तक गिरोह के 15 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 12 अपहृत बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया गया है। इस खुलासे के बाद राज्य समेत अन्य प्रभावित इलाकों में हड़कंप मच गया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह लंबे समय से झारखंड के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में सक्रिय था। गिरोह के सदस्य गरीब और कमजोर तबके के बच्चों को बहला-फुसलाकर या जबरन अपहरण कर लेते थे और फिर उन्हें अलग-अलग शहरों में तस्करी के जरिए ले जाया जाता था। इन बच्चों से भीख मंगवाने, घरेलू मजदूरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में जबरन इस्तेमाल किया जाता था।

एसआईटी को इस गिरोह के बारे में गुप्त सूचना मिली थी, जिसके बाद तकनीकी सर्विलांस और जमीनी जांच के आधार पर एक के बाद एक कई जगहों पर छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान पुलिस ने न सिर्फ आरोपियों को दबोचा, बल्कि कई बच्चों को उनके चंगुल से मुक्त भी कराया। बरामद बच्चों में कुछ की उम्र बेहद कम बताई जा रही है, जो इस गिरोह की क्रूरता को उजागर करती है।

पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पूछताछ के दौरान यह भी खुलासा हुआ है कि गिरोह का नेटवर्क काफी फैला हुआ था और इसमें कई राज्यों के लोग शामिल थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और बच्चों को किन-किन जगहों पर भेजा जाता था।

बरामद बच्चों को फिलहाल सुरक्षित स्थानों पर रखा गया है और उनकी काउंसलिंग कराई जा रही है। साथ ही उनके परिजनों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द परिवार से मिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बाल कल्याण समिति और समाज कल्याण विभाग को भी इस पूरे मामले में शामिल किया गया है, ताकि बच्चों के पुनर्वास की उचित व्यवस्था की जा सके।

झारखंड पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस कार्रवाई को बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा है कि बच्चों के खिलाफ अपराध किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। उन्होंने साफ किया कि मानव तस्करी जैसे जघन्य अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और गिरोह की पूरी जड़ तक पहुंचकर कार्रवाई की जाएगी।

इस खुलासे के बाद सामाजिक संगठनों और बाल अधिकार कार्यकर्ताओं ने झारखंड पुलिस की कार्रवाई की सराहना की है। उनका कहना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से न सिर्फ अपराधियों में डर पैदा होगा, बल्कि समाज में बच्चों की सुरक्षा को लेकर जागरूकता भी बढ़ेगी।

फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और यह माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। यह कार्रवाई बच्चों की सुरक्षा और मानव तस्करी के खिलाफ लड़ाई में एक अहम कदम मानी जा रही है।

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