बोधगया में होली का रंग अंतरराष्ट्रीय, वियतनामी पर्यटकों ने locals के साथ मनाई होली
बिहार के बोधगया में इस बार होली का रंग अंतरराष्ट्रीय हो गया। वियतनाम से आए 16 पर्यटकों ने बकरौर गांव के स्थानीय लोगों के साथ मिलकर उत्साह और आनंद के साथ होली खेली। यह आयोजन केवल रंग और गुलाल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं के आदान-प्रदान का भी प्रतीक बन गया।
जानकारी के अनुसार, वियतनामी पर्यटकों और बकरौर के ग्रामीणों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाया और पारंपरिक होली गीतों पर झूमते हुए त्योहार का आनंद लिया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने मिलकर खेलों और गीत-संगीत के माध्यम से आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक मेलजोल को बढ़ावा दिया।
पर्यटकों ने इस अवसर पर भारतीय संस्कृति की प्रशंसा की और कहा कि होली जैसे त्योहारों में रंगों और उत्सव के माध्यम से एक-दूसरे के साथ जुड़ाव बढ़ता है। उन्होंने यह भी व्यक्त किया कि इस अनुभव ने भारत और वियतनाम के बीच मित्रता और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत किया है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह आयोजन 'अतिथि देवो भवः' की भावना को प्रदर्शित करता है। उन्होंने कहा कि विदेशी पर्यटकों का उत्साहपूर्ण भागीदारी स्थानीय संस्कृति और मेहमाननवाजी का सजीव उदाहरण है। ग्रामीणों ने पर्यटकों के स्वागत और उत्सव में सहभागिता को यादगार बताया।
सांस्कृतिक विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से स्थानीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिलता है। पर्यटकों के साथ होली मनाने से स्थानीय समुदाय और विदेशी नागरिकों के बीच संवाद और आपसी समझ विकसित होती है। इससे न केवल पर्यटन में वृद्धि होती है, बल्कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान और दोस्ती भी मजबूत होती है।
बोधगया प्रशासन ने भी इस आयोजन की सराहना की और कहा कि भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि विदेशियों और स्थानीय लोगों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव और बढ़ सके। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय सुरक्षा और आयोजनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।
इस अवसर पर पर्यटक उत्साह और आनंद से भरपूर नजर आए। उन्होंने कहा कि यह अनुभव उनके लिए अविस्मरणीय रहेगा और वे अपने देश वियतनाम में इसे साझा करेंगे। स्थानीय लोगों ने भी कहा कि विदेशी पर्यटकों के साथ होली मनाने का यह अनुभव उनके लिए गर्व और खुशी का कारण है।
इस प्रकार, बोधगया में इस बार की होली ने न केवल रंग और उत्सव का आनंद बढ़ाया, बल्कि भारत और वियतनाम के सांस्कृतिक और मित्रवत संबंधों को भी मजबूती प्रदान की। यह आयोजन यह संदेश देता है कि त्योहार सिर्फ स्थानीय खुशी नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मेलजोल और भाईचारे का भी प्रतीक बन सकता है।

