आईआईएम में होगा ‘इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन बुद्धोनॉमिक्स 2026’, शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों से मांगे गए शोध पत्र
भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) में ‘इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन बुद्धोनॉमिक्स 2026’ का आयोजन किया जाएगा। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के लिए शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और विशेषज्ञों से शोध पत्र आमंत्रित किए गए हैं। सम्मेलन का उद्देश्य भगवान बुद्ध के आर्थिक विचारों और आधुनिक आर्थिक व्यवस्था के बीच संबंधों पर चर्चा करना है।
आयोजकों की ओर से बताया गया है कि इस सम्मेलन में देश-विदेश के शिक्षाविद, शोधकर्ता, नीति निर्माता और अर्थशास्त्र से जुड़े विशेषज्ञ भाग लेंगे। सम्मेलन के दौरान बुद्ध के सिद्धांतों, सतत विकास, नैतिक अर्थव्यवस्था और समाज आधारित आर्थिक मॉडल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
सम्मेलन में भाग लेने के इच्छुक शोधकर्ताओं को अपने शोध पत्र जमा करने के लिए आमंत्रित किया गया है। इसके लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक प्रतिभागी 10 अक्टूबर 2026 तक अपना पंजीकरण करा सकते हैं। शोध पत्रों का चयन विशेषज्ञों की समिति द्वारा किया जाएगा।
‘बुद्धोनॉमिक्स’ की अवधारणा में भगवान बुद्ध के विचारों के आधार पर ऐसी आर्थिक व्यवस्था पर जोर दिया जाता है, जिसमें मानव कल्याण, संतुलित विकास और नैतिक मूल्यों को प्राथमिकता दी जाती है। सम्मेलन में इस बात पर चर्चा होगी कि वर्तमान समय की आर्थिक चुनौतियों के समाधान में बुद्ध के विचार कितने उपयोगी साबित हो सकते हैं।
आयोजकों के अनुसार, सम्मेलन का उद्देश्य केवल अकादमिक चर्चा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से आर्थिक विकास के ऐसे मॉडल पर मंथन करना है जो समाज के सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखे। इसमें गरीबी उन्मूलन, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समानता और जिम्मेदार व्यापार जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी।
शिक्षाविदों का मानना है कि तेजी से बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था के दौर में नैतिकता आधारित आर्थिक सोच की जरूरत बढ़ रही है। ऐसे में बुद्ध के सिद्धांतों पर आधारित यह सम्मेलन शोध और नीति निर्माण के क्षेत्र में नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है।
आईआईएम की ओर से सम्मेलन से जुड़ी अन्य जानकारियां जल्द जारी की जाएंगी। शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों में इस आयोजन को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि सम्मेलन में प्रस्तुत शोध पत्र वैश्विक स्तर पर आर्थिक सोच और प्रबंधन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

