दारोगा बहाली: परीक्षा केंद्र पर मोबाइल चलाते दिखे वीक्षक, फुटेज में EOU को दिखी कई खामियां; BPSC से होगी पूछताछ
बिहार लोक सेवा आयोग यानी BPSC की परीक्षा से जुड़े मामले में जांच के दौरान कई अहम गड़बड़ियां सामने आने की बात कही जा रही है। BPSC की ओर से जांच टीम को उपलब्ध कराए गए सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल के दौरान परीक्षा केंद्र की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाने वाली तस्वीरें दिखाई दी हैं। आर्थिक अपराध इकाई यानी EOU के सूत्रों के मुताबिक, एक परीक्षा केंद्र पर ड्यूटी में तैनात वीक्षक परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन चलाते हुए नजर आया।
जांच टीम फिलहाल परीक्षा केंद्रों से मिले फुटेज को खंगाल रही है। इसी दौरान एक केंद्र पर वीक्षक के मोबाइल इस्तेमाल करने की तस्वीर सामने आई। परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर सामान्य तौर पर सख्त नियम होते हैं। ऐसे में ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी के मोबाइल चलाते दिखाई देने से परीक्षा केंद्र की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
इस मामले का एक और अहम पहलू जैमर से जुड़ा है। EOU सूत्रों के अनुसार, वीक्षक के मोबाइल इस्तेमाल की तस्वीर सामने आने के बाद आशंका जताई जा रही है कि संबंधित परीक्षा केंद्र पर लगाया गया जैमर संभवत: काम नहीं कर रहा था। हालांकि, जांच के इस चरण में यह स्पष्ट नहीं है कि जैमर वास्तव में खराब था या मोबाइल के काम करने के पीछे कोई दूसरी तकनीकी वजह थी। इस बिंदु की भी जांच की जा रही है।
जांच टीम फुटेज में दिखाई देने वाली गतिविधियों का मिलान परीक्षा केंद्र की व्यवस्थाओं और उपलब्ध अन्य रिकॉर्ड से कर रही है। इसका मकसद यह पता लगाना है कि परीक्षा के दौरान नियमों का पालन किस स्तर तक हुआ था। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि परीक्षा केंद्र पर तैनात कर्मचारियों को दिए गए निर्देशों का पालन हुआ या नहीं।
परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाने का उद्देश्य मोबाइल नेटवर्क के इस्तेमाल को रोकना होता है। ऐसे में यदि किसी केंद्र पर मोबाइल फोन सक्रिय रूप से इस्तेमाल होता पाया जाता है तो वहां लगे तकनीकी उपकरणों की कार्यप्रणाली की जांच जरूरी हो जाती है। इसी वजह से जांच टीम इस पहलू को भी गंभीरता से देख रही है।
हालांकि, केवल एक वीक्षक के मोबाइल चलाते हुए दिखाई देने से यह निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी कि परीक्षा की प्रक्रिया प्रभावित हुई थी। इसके लिए जांच में सामने आने वाले दूसरे साक्ष्यों, तकनीकी जांच और संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट भी महत्वपूर्ण होगी।
फिलहाल EOU की टीम BPSC से मिले फुटेज की जांच कर रही है। आने वाले दिनों में जांच के दौरान सामने आने वाली अन्य गतिविधियों और तकनीकी रिपोर्ट से यह साफ हो सकता है कि परीक्षा केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था में वास्तविक खामी कहां थी और जैमर के काम नहीं करने की आशंका कितनी सही है।

