‘भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है’: चिराग पासवान ने विपक्ष पर साधा निशाना, बोले- देश की छवि और व्यवस्था कमजोर करने की कोशिश स्वीकार नहीं
केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने भारत के लोकतांत्रिक ढांचे और देश की छवि को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और यहां लोकतांत्रिक संस्थाओं की अपनी एक मजबूत व्यवस्था है। देश की छवि और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिशों को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
भागलपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान दिया बयान
चिराग पासवान शुक्रवार को भागलपुर पहुंचे थे। यहां उन्होंने खगड़िया के सांसद राजेश वर्मा के प्रतिष्ठान हरिओम लक्ष्मी नारायण ज्वेलर्स के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लिया। कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने विपक्षी दलों की राजनीति, चुनावी प्रक्रिया और देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर अपनी बात रखी। इस दौरान खगड़िया के सांसद राजेश वर्मा और भागलपुर के सांसद अजय मंडल सहित पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
ईवीएम और एसआईआर के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा
चिराग पासवान ने ईवीएम और एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्ष, खासकर कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल चुनावी प्रक्रिया को लेकर विवाद खड़ा कर रहे हैं और जनता के बीच भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने विधान परिषद चुनाव में बैलेट पेपर के इस्तेमाल का जिक्र करते हुए कांग्रेस से सवाल किया कि उस चुनाव में पार्टी की प्रतिक्रिया क्या थी? चिराग ने नागपुर सीट के चुनाव परिणाम का उल्लेख करते हुए भी कांग्रेस की राजनीतिक भूमिका पर तंज कसा।
बांग्लादेश से भारत की तुलना पर जताई आपत्ति
केंद्रीय मंत्री ने भारत की तुलना बांग्लादेश और दूसरे देशों की परिस्थितियों से किए जाने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था और यहां के हालात दूसरे देशों से अलग हैं। उनके मुताबिक, राजनीतिक विरोध के नाम पर देश में अस्थिरता का माहौल बनाने की कोशिश करना उचित नहीं है।
चिराग ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि कुछ नेता राजनीतिक पहचान बनाने और अपनी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए ऐसे मुद्दों को हवा देते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता सबसे बड़ी ताकत है और राजनीतिक दलों के रवैये पर नजर रखती है।
व्यापारियों की समस्याएं सुनने की भी कही बात
राजनीतिक मुद्दों के साथ चिराग पासवान ने व्यापारियों से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी समय-समय पर व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करती है। इस दौरान कारोबारियों की समस्याएं, मांगें और सुझाव सुने जाते हैं। उन्होंने कहा कि व्यापारियों से मिलने वाले सुझावों के आधार पर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए जरूरी पहल की जाती है।भागलपुर में चिराग पासवान के इस बयान के बाद चुनावी प्रक्रिया और विपक्ष की भूमिका को लेकर सियासी चर्चा तेज हो गई है।

