भागलपुर में ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर 31,998 बच्चों का गलत डेटा, प्रधानाध्यापकों को 48 घंटे में सुधार का अल्टीमेटम
जिले के ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर लगभग 31,998 बच्चों का गलत डेटा मिलने के बाद माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने सभी संबंधित विद्यालयों से स्पष्टीकरण मांगा है। शिक्षा विभाग ने सभी प्रधानाध्यापकों को 48 घंटे में डेटा सुधारने का अल्टीमेटम भी जारी किया है।
जानकारी के अनुसार, गलत डेटा के कारण कई छात्रों को डीबीटी (Direct Benefit Transfer) और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय में डेटा में सुधार नहीं किया गया तो दोषी प्रधानाध्यापकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने कहा कि “छात्रों का डेटा सही होना बेहद जरूरी है, क्योंकि इसके आधार पर उन्हें छात्रवृत्ति, पोषण और अन्य सरकारी लाभ मिलते हैं। किसी भी प्रकार की लापरवाही सहनीय नहीं होगी।”
शिक्षा विभाग ने यह भी निर्देश दिया है कि सभी विद्यालयों में डेटा सत्यापन की प्रक्रिया को तुरंत लागू किया जाए। इसके तहत छात्र-छात्राओं की व्यक्तिगत जानकारी, जन्मतिथि, कक्षा और अन्य विवरण की पुनः जांच की जाएगी।
विद्यार्थियों के अभिभावकों ने भी इस मामले पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि बच्चों के अधिकारों और सरकारी योजनाओं से वंचित होने का यह गंभीर मामला है और विभाग को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल डेटा का सही होना अब शिक्षा प्रणाली में अनिवार्य हो गया है। किसी भी त्रुटिपूर्ण जानकारी से छात्रों को आर्थिक और शैक्षिक नुकसान हो सकता है।
भागलपुर शिक्षा विभाग का यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए अहम माना जा रहा है कि छात्रों के हित सुरक्षित रहें और किसी भी बच्चे को सरकारी लाभ से वंचित न किया जाए।

