बिहार MLC चुनाव में महागठबंधन के अंदर ही मुकाबला, कांग्रेस ने उतारे 5 उम्मीदवार; 3 स्नातक सीटों पर RJD से सीधी टक्कर
बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की 8 सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर महागठबंधन के भीतर सीटों का समीकरण उलझ गया है। कांग्रेस ने पांच सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। इनमें तीन स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के उम्मीदवार आमने-सामने होंगे। ऐसे में महागठबंधन के दोनों दलों के बीच चुनावी मुकाबला तय हो गया है।
विधान परिषद की इन 8 सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होना है। चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ ही उम्मीदवारों के मैदान में उतरने से मुकाबला दिलचस्प हो गया है। कांग्रेस और RJD के बीच सीटों के तालमेल को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच दोनों दलों की ओर से अलग-अलग उम्मीदवार उतारे जाने से गठबंधन के भीतर चुनावी रणनीति को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
कांग्रेस ने 5 सीटों पर उतारे उम्मीदवार
कांग्रेस ने कुल पांच सीटों के लिए उम्मीदवार घोषित किए हैं। इनमें पटना स्नातक, दरभंगा स्नातक और कोसी स्नातक सीटें शामिल हैं। इन तीनों सीटों पर RJD के उम्मीदवार भी मैदान में हैं, जिससे दोनों दलों के बीच सीधा मुकाबला होगा।
इसके अलावा कांग्रेस ने शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की दो सीटों पर भी प्रत्याशी उतारे हैं। उम्मीदवारों की घोषणा के बाद अब इन सीटों पर चुनावी गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
8 सीटों पर होगा मतदान
बिहार विधान परिषद की जिन 8 सीटों पर चुनाव होना है, उनमें चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। इन सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम पहले ही जारी किया जा चुका है। 23 अक्टूबर को मतदान के बाद 27 अक्टूबर को मतगणना प्रस्तावित है।
स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में सामान्य विधानसभा चुनावों से अलग निर्वाचन प्रक्रिया होती है। इन सीटों पर संबंधित मतदाता वर्ग अपने प्रतिनिधि का चुनाव करता है।
महागठबंधन के लिए चुनौती
कांग्रेस और RJD के उम्मीदवारों के आमने-सामने आने से महागठबंधन के सामने चुनावी तालमेल बनाए रखने की चुनौती पैदा हुई है। तीन स्नातक सीटों पर दोनों दलों के प्रत्याशी सीधे मुकाबले में हैं। अब नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी कि कौन-कौन से उम्मीदवार अंतिम रूप से मैदान में रहते हैं।
फिलहाल बिहार MLC चुनाव में महागठबंधन के भीतर ही मुकाबले की स्थिति बन गई है। 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान और उसके बाद 27 अक्टूबर को आने वाले परिणाम पर सभी की नजर रहेगी।

