शेखपुरा में थानाध्यक्ष की अमानवीय हरकत, ई-रिक्शा चालक से जाति पूछकर की पिटाई, थूक चटवाने का आरोप
जिले के मेहुस थाना क्षेत्र से मानवता को शर्मसार करने वाली एक अमानवीय घटना सामने आई है। आरोप है कि थाना प्रभारी प्रवीणचंद्र दिवाकर ने एक ई-रिक्शा चालक को उसकी जाति पूछकर न केवल बेरहमी से पीटा, बल्कि थाने ले जाकर जमीन पर थूक कर जबरन वह थूक चटवाया। पीड़ित युवक का नाम प्रदुमन कुमार बताया गया है, जो स्थानीय निवासी है और मेहनत मजदूरी कर ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करता है।
क्या है पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, घटना हाल ही में उस समय हुई जब प्रदुमन कुमार किसी कार्यवश थाना क्षेत्र में मौजूद था। बताया जा रहा है कि थाना प्रभारी ने पहले युवक से उसकी जाति पूछी और फिर जातिगत टिप्पणियां करते हुए गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी। बाद में उसे थाने लाकर जमीन पर थूक दिया गया और कहा गया कि उसे उसे चाटना होगा, नहीं तो जान से मारने की धमकी दी गई।
पीड़ित ने की न्याय की मांग
इस बर्बरता के बाद पीड़ित प्रदुमन कुमार ने जिला मुख्यालय पहुंचकर उच्च अधिकारियों से शिकायत की और थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रदुमन का कहना है कि उसके साथ जो कुछ हुआ, वह न केवल मानवता के खिलाफ है, बल्कि भारतीय संविधान में प्रदत्त मौलिक अधिकारों का उल्लंघन भी है। उसने अधिकारियों से थानाध्यक्ष को तत्काल बर्खास्त करने और गिरफ्तारी की मांग की है।
प्रशासन ने लिया संज्ञान
घटना की गंभीरता को देखते हुए शेखपुरा जिला प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। पुलिस अधीक्षक (SP) ने बयान जारी कर कहा है कि "घटना की जांच एक निष्पक्ष अधिकारी द्वारा कराई जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।"
सामाजिक संगठनों में आक्रोश
घटना के बाद दलित संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में गहरा रोष है। उन्होंने इसे जातीय उत्पीड़न का घिनौना उदाहरण बताते हुए प्रशासन से त्वरित और कठोर कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय संगठनों ने ऐलान किया है कि अगर दोषी पुलिस अधिकारी पर तुरंत कार्रवाई नहीं हुई तो जिला स्तर पर प्रदर्शन और धरना दिया जाएगा।

