बढ़ती महंगाई का असर, 12 रुपये का समोसा 15 में, लिट्टी और चाय के दामों में भी उछाल
Patna में महंगाई का असर अब आम लोगों की जेब पर साफ दिखने लगा है। शहर के कई इलाकों में खाने-पीने की वस्तुओं के दाम बढ़ने से लोगों को रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना महंगा पड़ रहा है। खासकर गैस सिलेंडर और अन्य इनपुट लागत में बढ़ोतरी को इसकी बड़ी वजह माना जा रहा है।
स्थानीय बाजारों और ठेलों पर पहले जहां 12 रुपये में मिलने वाला समोसा अब 15 रुपये में बिक रहा है, वहीं लिट्टी-चोखा और चाय के दामों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दुकानदारों का कहना है कि गैस, तेल और अन्य सामग्री की कीमतें बढ़ने के कारण उन्हें मजबूरी में दाम बढ़ाने पड़े हैं।
छोटे रेस्टोरेंट और चाय की दुकानों पर भी इसका असर साफ देखा जा रहा है। चाय की कीमत में 2 से 5 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है, जिससे रोज चाय पीने वाले ग्राहकों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। कई दुकानदारों ने बताया कि ग्राहकों की संख्या में हल्की गिरावट भी देखने को मिली है।
स्थानीय विक्रेताओं के अनुसार, गैस सिलेंडर की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव और खाद्य सामग्री के दाम बढ़ने से लागत काफी बढ़ गई है। ऐसे में मुनाफा बनाए रखने के लिए दाम बढ़ाना उनकी मजबूरी बन गया है।
ग्राहकों का कहना है कि पहले जहां कम पैसों में नाश्ता आसानी से हो जाता था, अब वही चीजें महंगी हो गई हैं। खासकर दैनिक मजदूर और छात्र वर्ग पर इसका ज्यादा असर पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इनपुट कॉस्ट में बढ़ोतरी इसी तरह जारी रही तो आने वाले समय में फास्ट फूड और स्ट्रीट फूड की कीमतों में और इजाफा हो सकता है।
Indane Gas और अन्य घरेलू गैस आपूर्ति से जुड़ी लागतों में बदलाव को भी इस स्थिति का एक बड़ा कारण माना जा रहा है, जिसका सीधा असर छोटे व्यवसायियों पर पड़ रहा है।
फिलहाल पटना के बाजारों में महंगाई की यह मार आम जनता को परेशान कर रही है और लोग सरकार से कीमतों पर नियंत्रण की उम्मीद जता रहे हैं।

