किशनगंज में अवैध लॉटरी कारोबार का आरोप, गरीब और मजदूर वर्ग को बनाया जा रहा निशाना; कार्रवाई की मांग तेज
बिहार के किशनगंज शहर में कथित तौर पर अवैध लॉटरी कारोबार तेजी से फैलने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ लोग रातों-रात करोड़पति बनने का लालच देकर गरीब और मजदूर वर्ग के लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। इसके चलते कई लोग अपनी मेहनत की कमाई लॉटरी में गंवा रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, शहर के कई इलाकों में अवैध रूप से लॉटरी टिकट और नंबर गेम का कारोबार चलने की चर्चा है। इसमें छोटे दुकानदारों, दिहाड़ी मजदूरों और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को बड़े इनाम का सपना दिखाकर पैसे लगाने के लिए प्रेरित किया जाता है।
लोगों का कहना है कि लॉटरी के लालच में कई परिवारों की आर्थिक स्थिति खराब हो रही है। कमाई का बड़ा हिस्सा लोग जल्दी पैसा कमाने की उम्मीद में ऐसे खेलों में लगा देते हैं। लेकिन अधिकांश लोगों को नुकसान उठाना पड़ता है।स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से इस अवैध कारोबार पर रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसे कारोबार से समाज में आर्थिक नुकसान के साथ-साथ कई तरह की सामाजिक समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।
लोगों का आरोप है कि अवैध लॉटरी संचालक छोटे-छोटे एजेंटों के माध्यम से अपना नेटवर्क चला रहे हैं। वे मोबाइल फोन और अन्य माध्यमों से भी लोगों को जोड़ने का प्रयास करते हैं। हालांकि, इस संबंध में प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।पुलिस प्रशासन से लोगों ने मांग की है कि शहर में चल रहे ऐसे संदिग्ध गतिविधियों की जांच की जाए और यदि कोई व्यक्ति नियमों के खिलाफ लॉटरी या जुए जैसे कारोबार में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
विशेषज्ञों का कहना है कि जल्दी अमीर बनने का लालच अक्सर लोगों को आर्थिक जोखिम में डाल देता है। ऐसे मामलों में लोगों को सावधान रहने और अपनी मेहनत की कमाई को किसी भी संदिग्ध योजना में लगाने से बचने की जरूरत है।फिलहाल स्थानीय लोगों की शिकायतों के बाद प्रशासन की भूमिका पर नजर बनी हुई है। यदि जांच में अवैध लॉटरी कारोबार की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

