बिहार में बर्फीली पछुआ हवा का कहर, अगले पांच दिन तक कड़ाके की ठंड और घना कोहरा जारी रहने के आसार
बिहार में बर्फीली पछुआ हवा के चलते ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। राज्य के अधिकांश जिलों में कड़ाके की ठंड के साथ घना कोहरा छाया हुआ है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले पांच दिनों तक मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है, जिससे लोगों को राहत मिलने के आसार कम हैं। इस दौरान कई जिलों में कोल्ड डे की स्थिति बनी रह सकती है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, उत्तर-पश्चिम दिशा से चल रही ठंडी पछुआ हवाओं के कारण तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। दिन में धूप निकलने के बावजूद सर्द हवाओं की वजह से ठिठुरन बनी हुई है, जबकि सुबह और रात के समय कोहरा और ज्यादा घना हो जा रहा है। इसका सीधा असर जनजीवन, यातायात और स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।
राज्य में सबसे ठंडा जिला गया रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह तापमान देश के ठंडे इलाकों में गिने जाने वाले जम्मू से भी कम बताया जा रहा है। गया के अलावा नालंदा, जहानाबाद, औरंगाबाद और नवादा जैसे जिलों में भी तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है।
राजधानी पटना में भी ठंड ने लोगों को बेहाल कर दिया है। यहां न्यूनतम तापमान 9.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने से दृश्यता बेहद कम हो गई, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ। कई जगहों पर वाहन चालकों को लाइट जलाकर चलना पड़ा।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक पछुआ हवा की रफ्तार बनी रहेगी, जिससे ठंड और बढ़ सकती है। दिन का तापमान सामान्य से नीचे रहने के कारण कई जिलों में कोल्ड डे की स्थिति बनी रहेगी। खासतौर पर उत्तर और मध्य बिहार के जिलों में इसका ज्यादा असर देखने को मिल सकता है।
ठंड और कोहरे के कारण सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और दिहाड़ी मजदूरों को हो रही है। कई जिलों में प्रशासन ने स्कूलों के समय में बदलाव किया है, जबकि कुछ जगहों पर अलाव जलाने की व्यवस्था भी की गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने, सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त गर्म पेय लेने की सलाह दी है।

