गोल्डेन पिस्टल दिखाकर पत्नी को डराता था पति, पश्चिम चंपारण में महिला ने उठाया ऐसा कदम कि उड़ गए होश
बिहार के पश्चिम चंपारण जिले से घरेलू हिंसा और अपराध से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक शख्स अपनी पत्नी को आए दिन गोल्डेन पिस्टल दिखाकर डराता-धमकाता था। कभी मारपीट तो कभी जान से मारने की धमकी देकर वह पत्नी पर मानसिक और शारीरिक अत्याचार करता था। लेकिन जब जुल्म हद से ज्यादा बढ़ गया, तो पीड़िता ने ऐसा कदम उठाया, जिसकी आरोपी पति ने सपने में भी कल्पना नहीं की थी।
जानकारी के अनुसार, आरोपी युवक इलाके में खुद को दबंग दिखाने के लिए अक्सर कमर में पिस्टल लगाकर घूमता था। वह इस हथियार का इस्तेमाल पत्नी को डराने और अपनी बात मनवाने के लिए करता था। महिला का कहना है कि पति शराब के नशे में अक्सर घर लौटता और मामूली बातों पर मारपीट करता। विरोध करने पर वह गोल्डेन पिस्टल निकालकर जान से मारने की धमकी देता था।
पीड़िता ने बताया कि उसने कई बार इस हिंसा को सहन किया और रिश्तेदारों से भी मदद मांगी, लेकिन हर बार उसे समझौता करने की सलाह दी गई। पति के व्यवहार में कोई सुधार नहीं हुआ, बल्कि अत्याचार बढ़ता ही गया। लगातार डर और तनाव में जी रही महिला एक दिन पूरी तरह टूट गई।
इसके बाद महिला ने हिम्मत जुटाकर ऐसा फैसला लिया, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। उसने सीधे पुलिस के पास जाकर पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई और उसके पास मौजूद अवैध हथियार की जानकारी दी। महिला की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और आरोपी पति के घर पर छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से गोल्डेन पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद किए। जांच में सामने आया कि आरोपी के पास हथियार रखने का कोई लाइसेंस नहीं था। पुलिस ने उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया और आर्म्स एक्ट समेत घरेलू हिंसा से जुड़े मामलों में केस दर्ज किया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी लंबे समय से अपनी पत्नी को हथियार के बल पर डराकर रखे हुए था। महिला की शिकायत के बाद ही इस पूरे मामले का खुलासा हो सका। अधिकारी ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और यह भी जांच की जा रही है कि उसने हथियार कहां से और किस उद्देश्य से खरीदा था।
इस घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है। लोग हैरान हैं कि जिस व्यक्ति को वे एक रसूखदार और दबंग मानते थे, वही अपनी पत्नी पर इतना अत्याचार कर रहा था। वहीं महिला की हिम्मत की भी सराहना हो रही है, जिसने डर के माहौल से बाहर निकलकर कानून का सहारा लिया।
महिला ने कहा कि अब उसे राहत महसूस हो रही है। उसने अन्य पीड़ित महिलाओं से भी अपील की है कि वे हिंसा को चुपचाप सहने के बजाय आवाज उठाएं। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि पीड़िता को पूरी सुरक्षा दी जाएगी।
यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि घरेलू हिंसा के मामलों में समय पर कार्रवाई और पीड़ितों का साहस कितना जरूरी है। पश्चिम चंपारण की यह घटना महिलाओं के लिए एक संदेश भी है कि कानून उनके साथ है, बस कदम बढ़ाने की जरूरत है।

