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पीरपैंती में महारुद्र यज्ञ और भागवत कथा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़

पीरपैंती में महारुद्र यज्ञ और भागवत कथा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़

भागलपुर के पीरपैंती में आयोजित श्री श्री 1008 महारुद्र यज्ञ और श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का चौथा दिन रविवार को श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना। इस अवसर पर यज्ञ स्थल पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी, जिसने धार्मिक उत्साह और आस्था का वातावरण बना दिया।

कार्यक्रम में मुख्य प्रवचन देते हुए स्वामी आगमानंद महाराज ने सती प्रसंग का वर्णन किया और उपस्थित श्रद्धालुओं को जीवन के महत्वपूर्ण संदेश दिए। उन्होंने कहा कि “परिवर्तन ही संसार का नियम है। जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव को समझना और उसके अनुसार अपने कर्मों को ढालना ही सच्ची शिक्षा है।”

श्रद्धालुओं ने यज्ञ में भाग लेकर धार्मिक विधि-पूर्वक पूजा, मंत्रोच्चारण और कथा श्रवण का आनंद लिया। यज्ञ के दौरान हवन और मंत्र जप से वातावरण धार्मिक ऊर्जा से भर गया। भक्तों ने इस अवसर पर स्वामी महाराज के प्रवचनों से प्रेरणा लेते हुए अपने जीवन में परिवर्तन और आध्यात्मिक विकास के महत्व को समझा।

यज्ञ स्थल पर भक्तों की भीड़ इतनी अधिक थी कि सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन और स्वयंसेवी संगठन ने विशेष इंतजाम किए। मार्गदर्शन और सहायता के लिए पर्याप्त संख्या में स्वयसेवक तैनात किए गए थे।

स्वामी आगमानंद महाराज ने अपने प्रवचन में यह भी कहा कि धार्मिक आयोजन केवल पूजा-पाठ का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को एकजुट करने और नैतिक मूल्यों को स्थापित करने का साधन भी है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपने जीवन में संतुलन, संयम और नैतिकता बनाए रखने का आह्वान किया।

भागलपुर और आसपास के जिलों से आए भक्तों ने कार्यक्रम की सराहना की। उनका कहना था कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा मिलती है, बल्कि सामाजिक सौहार्द और सांस्कृतिक विरासत को भी बल मिलता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि महारुद्र यज्ञ और भागवत कथा जैसे आयोजन लोगों के आध्यात्मिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। यह न केवल धार्मिक जागरूकता बढ़ाते हैं, बल्कि जीवन में सकारात्मक बदलाव और आत्म-संयम के संदेश भी देते हैं।

पीरपैंती में यह धार्मिक आयोजन आगामी दिनों तक चलता रहेगा और श्रद्धालुओं को सत्संग, कथा और हवन के माध्यम से आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करता रहेगा। आयोजकों ने बताया कि यज्ञ का समापन भव्य समारोह और आरती के साथ किया जाएगा।

इस प्रकार, भागलपुर के पीरपैंती में चौथे दिन का श्री श्री 1008 महारुद्र यज्ञ और भागवत कथा ज्ञान यज्ञ धार्मिक आस्था और समाजिक समरसता का प्रतीक बनकर उभरा।

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