भोजपुर में भीषण सड़क हादसा: आरा–सासाराम स्टेट हाईवे पर ट्रक और हाइवा की आमने-सामने टक्कर, एक की मौत, दूसरा गंभीर
बिहार के भोजपुर जिले में सोमवार रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसने इलाके में सनसनी फैला दी। चरपोखरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आरा–सासाराम स्टेट हाईवे पर नगरांव मोड़ के पास धान से लदे ट्रक और बालू लदे हाइवा ट्रक की आमने-सामने जबरदस्त टक्कर हो गई। इस दर्दनाक हादसे में धान लदे ट्रक के चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे ट्रक का चालक गंभीर रूप से घायल हो गया।
मृतक चालक की पहचान विनय यादव के रूप में की गई है। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहनों के आगे के हिस्से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। धान से लदा ट्रक सड़क किनारे पलट गया, जबकि हाइवा ट्रक हाईवे के बीचोंबीच फंस गया, जिससे काफी देर तक यातायात बाधित रहा।
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रात के समय तेज रफ्तार और सड़क पर कम दृश्यता इस हादसे की बड़ी वजह मानी जा रही है। नगरांव मोड़ पहले से ही दुर्घटना संभावित क्षेत्र माना जाता है, जहां अक्सर तेज रफ्तार वाहनों के कारण हादसे होते रहते हैं।
हादसे में गंभीर रूप से घायल हाइवा ट्रक चालक संजय उपाध्याय को स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला गया। इसके बाद पुलिस और एंबुलेंस की सहायता से उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
चरपोखरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात बहाल कराया। करीब दो घंटे तक हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना हादसे की मुख्य वजह प्रतीत हो रही है। हालांकि, दुर्घटना के सही कारणों की जांच की जा रही है। मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है।
विनय यादव की मौत की खबर मिलते ही उनके गांव में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मृतक के परिवार को मुआवजा देने की मांग की है।
इस हादसे ने एक बार फिर बिहार की सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था और भारी वाहनों की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरा–सासाराम स्टेट हाईवे पर आए दिन होने वाली दुर्घटनाएं प्रशासन के लिए गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही हैं।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि नगरांव मोड़ जैसे खतरनाक स्थानों पर स्पीड कंट्रोल, चेतावनी बोर्ड और पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और घायलों के इलाज पर नजर बनाए हुए है। यह हादसा एक बार फिर यह याद दिलाता है कि सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का पालन कितना जरूरी है।

