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पटना के बाढ़ रेलवे स्टेशन पर प्रेम त्रिकोण का हाई-वोल्टेज ड्रामा, पति की पिटाई से हंगामा

पटना के बाढ़ रेलवे स्टेशन पर प्रेम त्रिकोण का हाई-वोल्टेज ड्रामा, पति की पिटाई से हंगामा

पटना के बाढ़ रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने स्टेशन परिसर में मौजूद लोगों को हैरत में डाल दिया। मामला तब सामने आया जब एक महिला ने अपने पति को दूसरी महिला के साथ पकड़ लिया, जिसके बाद पहले पत्नी और उसके परिजनों ने स्टेशन परिसर में ही पति की जमकर पिटाई कर दी। इस घटना के कारण करीब एक घंटे तक अफरा-तफरी और हंगामा चलता रहा।

घटना का क्रम
स्टेशन के उपस्थित लोगों ने बताया कि यह घटना सुबह के समय हुई। पहली पत्नी अचानक पति और उसकी कथित प्रेमिका को स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर देखा। तत्काल प्रतिक्रिया में पत्नी ने अपने परिजनों को बुलाया और पति पर सार्वजनिक पिटाई शुरू कर दी।

मौके पर मौजूद यात्रियों ने कहा कि पति की पिटाई इतनी तीव्र थी कि कई लोग बचाव के लिए बीच में आए। हालांकि, इस समय स्टेशन की गतिविधियां ठप हो गईं और प्लेटफॉर्म पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

स्टेशन पर हंगामा और पुलिस की भूमिका
घटना को देखते हुए स्टेशन प्रबंधन और पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने पहले पत्नी और उसके परिजनों को समझाने का प्रयास किया और पिटाई रोकवाई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामला सामाजिक और पारिवारिक विवाद से जुड़ा है, लेकिन स्टेशन पर सार्वजनिक तौर पर यह हिंसा हुई, जिससे हंगामा और बढ़ गया।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, “हमने संबंधित लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। यह मामला निजी विवाद का हिस्सा है, लेकिन सार्वजनिक स्थल पर हुई हिंसा के कारण कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है।”

यात्री और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
घटना का गवाह रहे यात्रियों का कहना था कि यह दृश्य काफी चौंकाने वाला था। कुछ यात्रियों ने बताया कि पिटाई के दौरान बच्चे और बुजुर्ग भी प्लेटफॉर्म पर मौजूद थे, जिससे स्थिति और भी संवेदनशील हो गई थी।

स्थानीय लोग इस घटना को पारिवारिक विवाद का अत्यधिक हिंसक रूप मान रहे हैं। उनका कहना है कि निजी विवाद को सार्वजनिक रूप में ले आना अनुचित और खतरनाक है।

विशेषज्ञों की राय
सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि ऐसे मामले प्रेम-त्रिकोण और पारिवारिक विवाद के नाटकीय रूपांतरण को उजागर करते हैं। उनका सुझाव है कि ऐसे मामलों में परिवार के सदस्य शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से समाधान ढूंढें, ताकि सार्वजनिक स्थल पर हिंसा और अफरा-तफरी न फैले।

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