बिहार विधानसभा में शिक्षा बजट पर चर्चा के दौरान सियासी तकरार देखने को मिली। भाजपा विधायक मैथिली ठाकुर ने अपने भाषण में महाभारत के उदाहरणों का सहारा लेते हुए विपक्षी दलों और पिछली सरकार पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने बिहार के पिछले 30 वर्षों के राजनीतिक सफर को हस्तिनापुर की कहानी से जोड़ते हुए कहा कि सत्ता में बैठे लोगों ने राज्य को पीछे धकेल दिया। अपने संबोधन में उन्होंने बिना नाम लिए राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘धृतराष्ट्र’ की संज्ञा दी।
मैथिली ठाकुर ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए वर्तमान सरकार ठोस कदम उठा रही है, जबकि पूर्ववर्ती सरकारों के समय शिक्षा और बुनियादी ढांचे की उपेक्षा हुई। उन्होंने दावा किया कि बजट में शिक्षा क्षेत्र के लिए किए गए प्रावधान भविष्य में सकारात्मक बदलाव लाएंगे।
विपक्षी सदस्यों ने इस टिप्पणी पर आपत्ति जताई और सदन में हंगामा भी हुआ। विपक्ष का कहना था कि शिक्षा जैसे गंभीर विषय पर चर्चा के दौरान व्यक्तिगत और रूपक आधारित टिप्पणियां उचित नहीं हैं।
हालांकि, सत्ता पक्ष ने विधायक के वक्तव्य का समर्थन करते हुए कहा कि यह राजनीतिक विमर्श का हिस्सा है। शिक्षा बजट पर चर्चा के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।

