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पीएमसीएच की इमरजेंसी में गर्मी का कहर, सेंट्रलाइज्ड एसी सिस्टम फेल, मरीजों और परिजनों की बढ़ी परेशानी

पीएमसीएच की इमरजेंसी में गर्मी का कहर, सेंट्रलाइज्ड एसी सिस्टम फेल, मरीजों और परिजनों की बढ़ी परेशानी

भीषण उमस और गर्मी के बीच पटना स्थित पीएमसीएच के पुराने इमरजेंसी भवन में मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पिछले दो दिनों से यहां लगा सेंट्रलाइज्ड एसी सिस्टम अपनी क्षमता के अनुरूप काम नहीं कर पा रहा है, जिससे वार्डों में ठंडक की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है।

सूचना के अनुसार, इस इमरजेंसी भवन में कुल 40 से अधिक एसी प्वाइंट लगाए गए हैं, जिनके जरिए अलग-अलग वार्डों में ठंडी हवा पहुंचाई जाती है। लेकिन मौजूदा समय में इनमें से 15 से अधिक प्वाइंट पूरी तरह बंद पड़े हैं, जबकि बाकी प्वाइंट से भी पर्याप्त कूलिंग नहीं मिल पा रही है। इसके कारण पूरे भवन में गर्मी और उमस का माहौल बना हुआ है।

यह स्थिति पीएमसीएच पटना के पुराने इमरजेंसी ब्लॉक में उत्पन्न हुई है, जो राज्य का सबसे व्यस्त सरकारी अस्पताल माना जाता है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं, जिनमें गंभीर स्थिति वाले मरीज भी शामिल रहते हैं।

मरीजों के परिजनों का कहना है कि एसी सिस्टम की खराबी के कारण वार्डों में रहना मुश्किल हो गया है। कई मरीजों को पहले से ही गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हैं, ऐसे में बढ़ती गर्मी उनकी परेशानी और बढ़ा रही है। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से जल्द से जल्द व्यवस्था सुधारने की मांग की है।

अस्पताल कर्मियों के अनुसार, तकनीकी खराबी के कारण सेंट्रलाइज्ड एसी सिस्टम की कूलिंग क्षमता प्रभावित हुई है। मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है, लेकिन पूरी प्रणाली को ठीक करने में समय लग सकता है।

डॉक्टरों का कहना है कि अत्यधिक उमस भरे वातावरण का मरीजों की रिकवरी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए एसी सिस्टम को जल्द से जल्द दुरुस्त करना जरूरी है। विशेषकर आईसीयू और इमरजेंसी वार्ड में तापमान नियंत्रित रखना अत्यंत आवश्यक होता है।

स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस समस्या को गंभीर बताते हुए स्वास्थ्य विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि राज्य के सबसे बड़े अस्पताल में ऐसी स्थिति चिंताजनक है और इसे प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जाना चाहिए।

फिलहाल तकनीकी टीम एसी सिस्टम की जांच और मरम्मत में जुटी हुई है, लेकिन तब तक मरीजों और परिजनों को भारी गर्मी और असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

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