मार्च के पहले सप्ताह में ही मौसम ने गर्मी के तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। पिछले 10-12 दिनों से मौसम शुष्क बना हुआ है, जिससे दिन और रात दोनों के तापमान में वृद्धि दर्ज की जा रही है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय तक तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है और अगले कुछ दिनों में यह और बढ़ सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार, दिन के तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है और दोपहर के समय धूप तीव्र हो गई है। वहीं, रात के समय भी ठंडक कम हो गई है, जिससे लोग सामान्य से अधिक गर्मी महसूस कर रहे हैं। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे धूप में लंबा समय बिताने से बचें और पर्याप्त पानी पिएं।
विशेषज्ञों ने बताया कि इस समय हवा में नमी का स्तर कम होने के कारण वातावरण शुष्क बना हुआ है। इस वजह से गर्मी अधिक महसूस होती है और लोगों को हवा की कमी और धूप की तीव्रता के कारण असुविधा होती है। उन्होंने कहा कि मार्च और अप्रैल के महीनों में यह स्थिति सामान्य है, लेकिन इस बार तापमान थोड़ा पहले ही अधिक हो गया है।
नगरवासियों का कहना है कि पिछले कुछ दिन से मौसम का परिवर्तन स्पष्ट रूप से महसूस किया जा रहा है। एक निवासी ने कहा, “दिन के समय धूप तेज हो गई है और शाम को भी ठंडक कम महसूस हो रही है। लोग घरों और कार्यालयों में एसी और पंखों का अधिक इस्तेमाल कर रहे हैं।”
मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि अगले सप्ताह तक यह गर्मी बनी रह सकती है। उन्होंने कहा कि गर्मी के कारण मौसम शुष्क रहेगा और कहीं-कहीं हल्की धूलभरी हवाओं के साथ तापमान में अस्थायी उतार-चढ़ाव हो सकते हैं। उन्होंने किसानों से भी अपील की है कि वे मौसम के अनुसार अपनी फसल की देखभाल करें और पर्याप्त जल संरक्षण के उपाय अपनाएं।
विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि मार्च के इस समय सूरज की किरणें अधिक तीव्र हो जाती हैं, इसलिए बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से कहा कि वे धूप से बचने के लिए छत्री या टोपी का इस्तेमाल करें और आवश्यकतानुसार हल्के कपड़े पहनें।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च के इस सप्ताह में तापमान में वृद्धि का मुख्य कारण सौर विकिरण की तीव्रता और पश्चिमी वायु प्रणाली का प्रभाव है। उन्होंने भविष्यवाणी की है कि अप्रैल के मध्य तक तापमान में हल्की गिरावट हो सकती है, लेकिन गर्मी का असर पूरे महीने महसूस किया जाएगा।
शहरवासियों ने मौसम के अचानक बदलाव को लेकर सुझाव दिया कि लोग अपनी दिनचर्या और कार्यशैली में बदलाव करें और मौसम के अनुसार सुरक्षा और स्वास्थ्य का ध्यान रखें। विशेषज्ञों ने अंत में यह भी कहा कि गर्मी बढ़ने से पानी की खपत और जल संरक्षण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
इस तरह, मार्च के पहले सप्ताह में ही गर्मी का आगमन लोगों के लिए सचेत करने वाला संकेत है। विभाग और विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार, सावधानी और जल संरक्षण अपनाकर इस मौसम का सामना किया जा सकता है।

