उम्र 22 साल, 3 बीवी और 7 बच्चों का बाप… चौथी के चक्कर में पूर्णिया के सिंटू ने तीसरी पत्नी का किया मर्डर
बिहार के पूर्णिया में एक हैरान करने वाला मर्डर केस सामने आया है। 22 साल के एक आदमी ने अपनी तीसरी पत्नी की इसलिए हत्या कर दी क्योंकि वह उसकी चौथी शादी में रुकावट बन रही थी। इस घटना के बाद से आरोपी फरार है। पुलिस उसे गिरफ्तार करने के लिए संभावित जगहों पर छापेमारी कर रही है। महिला की बेरहमी से हत्या से पूरे गांव में डर का माहौल है।
यह घटना पूर्णिया जिले के अकबरपुर थाना इलाके के जमरा गांव में हुई। गांव का रहने वाला सिंटू ऋषिदेव पंजाब में मजदूरी करता है। उसके गांव के पास ओरहा का रहने वाला कैलाश ऋषिदेव भी अपने पूरे परिवार के साथ रोजगार की तलाश में पंजाब गया था। वहां सिंटू ऋषिदेव को कैलाश की बेटी मंजू कुमारी से प्यार हो गया। अपने दामाद की कमाई देखकर कैलाश ने सिंटू की शादी मंजू से करवा दी। पूरा परिवार आठ दिन पहले ही पंजाब से पूर्णिया आया था।
मृतका की मां रत्नी देवी ने बताया कि पंजाब से लौटने के बाद से ही उसका दामाद उसके साथ था। तीन दिन पहले दामाद की मां धौली देवी उनके घर आई और अपनी बहू को अपने साथ ले गई। मृतका की मां ने बताया कि उनकी बेटी से शादी करने के बाद उनका दामाद उनके साथ रहने लगा था। फोन पर बातचीत के दौरान उनकी बेटी को दामाद की चाल पता चल गई। तब उसे पता चला कि उसका पति सिंटू ऋषिदेव एक आशिक मिजाज आदमी है।
आरोपी महिला की पहले से दो पत्नियां थीं।
उसकी पहले दो शादियां हो चुकी थीं। पहली पत्नी से उसके चार बच्चे और दूसरी पत्नी से तीन बच्चे थे। उसकी तीसरी पत्नी चार महीने की प्रेग्नेंट थी। अलग होने के बाद दोनों पत्नियों ने खूब हंगामा किया। बताया जाता है कि तीसरी पत्नी के प्रेग्नेंट होने की वजह से सिंटू ऋषिदेव का चौथी महिला से अफेयर हो गया था, जिस पर तीसरी पत्नी को एतराज था। बताया जाता है कि सिंटू ऋषिदेव के पास कई महिलाओं के फोन नंबर थे, जिनसे वह अक्सर बात करता था। तीसरी पत्नी इसका विरोध करती थी।
झाड़ियों में छिपा मिला शव
मृतका की मां ने बताया कि मंगलवार को उसकी बेटी ने फोन करके बताया था कि वह अपने पति के साथ बहादुरा बाजार आई है। उसके बाद से उससे कोई संपर्क नहीं हुआ। जब परिवार वाले उसके ससुराल गए तो घर पर सब लोग मिले। फोन करने के बाद भी किसी से संपर्क नहीं हो पाया। अगले दिन जब गांव वाले बांसबाड़ी गए तो महिला का शव देखकर शोर मचाया। शव बांस के पत्तों और झाड़ियों के नीचे छिपा हुआ था।
घटना की सूचना मिलने पर अकबरपुर थाने के ऑफिसर विनय कुमार पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर उसकी पहचान की कोशिश शुरू कर दी। इसी बीच 20 साल की महिला का शव मिलने की खबर आसपास के गांवों में जंगल में आग की तरह फैल गई। सूचना मिलने पर परिवार वाले भी मौके पर पहुंचे और अपनी बेटी की पहचान की। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिवार को सौंप दिया। पहली नजर में यह गला घोंटकर हत्या का मामला लग रहा है। परिवार ने दामाद सिंटू ऋषिदेव और उसके परिवार पर हत्या का आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई है।

