‘गरीबों पर टैक्स लगाने की सरकार की कोई मंशा नहीं’, होर्डिंग और शुल्क को लेकर मंत्री ने दी सफाई
बिहार में ग्रामीण क्षेत्रों में लगाए जाने वाले होर्डिंग और स्थानीय शुल्क को लेकर उठ रहे सवालों पर सरकार ने सफाई दी है। सरकार की ओर से कहा गया है कि गरीब लोगों पर किसी तरह का टैक्स लगाने का कोई प्रावधान नहीं है और न ही ऐसी कोई मंशा है। मामले को लेकर सरकार के प्रतिनिधि ने कहा कि गांवों में लगाए जाने वाले होर्डिंग को लेकर जो चर्चा चल रही है, वह अलग विषय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य आम लोगों पर आर्थिक बोझ डालना नहीं, बल्कि व्यवस्था को बेहतर बनाना है।
उन्होंने बताया कि बिहार में पहले से ही कचरा प्रबंधन और नल-जल योजना जैसी सुविधाओं के लिए शुल्क लेने की व्यवस्था लागू है। इसके तहत कई जगहों पर लोगों से 30-30 रुपये लिए जाते हैं। यह राशि स्थानीय सुविधाओं के रखरखाव और बेहतर संचालन के लिए निर्धारित की गई है।सरकार की ओर से कहा गया कि नए नियमों को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हुई है। नियमों का उद्देश्य केवल व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करना है, न कि गरीब परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों और जनसुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार समय-समय पर नियम बनाती है। किसी भी योजना या व्यवस्था को लागू करने से पहले उसके प्रभाव और आम लोगों की सुविधा का ध्यान रखा जाता है।वहीं, विपक्ष की ओर से इस मुद्दे को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे। विपक्ष का आरोप था कि सरकार नए-नए शुल्क लगाकर आम जनता पर बोझ बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इसके बाद सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि गरीब और जरूरतमंद लोगों को ध्यान में रखते हुए ही फैसले लिए जाते हैं।
अधिकारियों के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में होर्डिंग लगाने और उससे जुड़े नियमों को लेकर अभी प्रक्रिया चल रही है। अंतिम निर्णय के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।सरकार ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। सरकार का कहना है कि जनहित से जुड़े फैसलों में आम लोगों के हितों को प्राथमिकता दी जाएगी।

