गोरखपुर ओवरब्रिज हादसा: AIIMS डॉक्टर के भाई की मौत, मृतकों की संख्या बढ़कर हुई दो
शहर के चार फाटक ओवरब्रिज पर हुए दर्दनाक हादसे में अब तक दो लोगों की मौत हो गई है। जानकारी के अनुसार, हादसे के समय गंभीर रूप से घायल डॉक्टर के भाई उमेश शर्मा का इलाज एम्स लखनऊ में चल रहा था, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं, हादसे में पहले ही एक एमबीबीएस छात्र की मौके पर ही मौत हो गई थी।
स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अनुसार यह दुर्घटना अचानक हुई और इसमें कई लोग घायल हुए। प्रारंभिक रिपोर्ट्स के मुताबिक हादसे के पीछे वाहन नियंत्रण खो जाने या ओवरब्रिज पर सुरक्षा व्यवस्था में खामियों की संभावना बताई जा रही है। घटना के समय भारी भीड़ होने की वजह से राहत कार्य में भी कठिनाई आई।
घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल और गंभीर चोटों वाले लोगों को एम्स लखनऊ भेजा गया। डॉक्टर परिवार ने बताया कि उमेश शर्मा की उम्र लगभग 35 वर्ष थी और वह अपने भाई के साथ गोरखपुर में रह रहे थे। उन्हें गंभीर चोटों के कारण तत्काल उच्च स्तरीय उपचार के लिए एम्स भेजा गया, लेकिन चिकित्सकों के तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
जिला प्रशासन ने हादसे के बाद तुरंत आपातकालीन राहत टीम तैनात की और घायलों को प्राथमिक उपचार प्रदान किया। पुलिस ने ओवरब्रिज और आसपास के क्षेत्र को सील कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हादसे में कितने वाहन शामिल थे, लेकिन कई लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसा अचानक हुआ और बहुत से लोग चीखते और मदद की गुहार लगाते रहे। एक गवाह ने बताया, “सब कुछ कुछ ही सेकंड में बदल गया। हमें अंदेशा नहीं था कि इतनी बड़ी दुर्घटना होगी। यह घटना अत्यंत दुखद है।”
घटना ने गोरखपुर में सड़क सुरक्षा और ओवरब्रिज संरचना की मजबूती पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नगर निगम और यातायात विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी ओवरब्रिज की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करें और आवश्यक सुधार तुरंत लागू करें।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सड़क सुरक्षा उपाय, सतत निगरानी और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करना जरूरी है। इसके अलावा वाहन चालकों की सतर्कता और सावधानी भी दुर्घटनाओं को कम करने में अहम भूमिका निभाती है।
घायकों और मृतकों के परिवारों को प्रशासन की ओर से राजकीय सहायता और वित्तीय अनुदान देने की घोषणा की गई है। घटना की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो हादसे के कारणों और दोषियों की पहचान करेगी।
इस दर्दनाक घटना ने न केवल गोरखपुरवासियों को हिलाकर रख दिया है, बल्कि सड़क सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा के प्रति जागरूकता की भी आवश्यकता को उजागर किया है। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे सतर्क रहें और सुरक्षा नियमों का पालन करें, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके।

