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पटना के स्कूलों में गैस संकट, बच्चों के भोजन के लिए लकड़ी और उपलों के चूल्हों का सहारा

पटना के स्कूलों में गैस संकट, बच्चों के भोजन के लिए लकड़ी और उपलों के चूल्हों का सहारा

पटना सिटी सहित पटना जिले के कई स्कूलों में मध्याह्न भोजन बनाने के लिए गैस सिलेंडर की गंभीर किल्लत ने प्रशासन और शिक्षण संस्थानों को चुनौती दे दी है। गैस की कमी के कारण कई स्कूलों ने पारंपरिक लकड़ी और उपलों के चूल्हों पर भोजन तैयार करना शुरू कर दिया है।

जानकारी के अनुसार, प्रेस मध्य विद्यालय और जिले के अन्य कई सरकारी और निजी स्कूलों में बच्चे अब लकड़ी और उपलों से बने चूल्हों पर ही खाना खा रहे हैं। शिक्षकों और रसोइयों का कहना है कि यह कदम मजबूरी में उठाया गया है, ताकि बच्चों को समय पर पोषक भोजन मिल सके।

स्कूल प्रशासन का कहना है कि एलपीजी सिलेंडरों की कमी के कारण उनका नियमित खाना पकाने का सिस्टम पूरी तरह प्रभावित हुआ है। कई स्कूलों ने स्थानीय स्तर पर लकड़ी और उपलों का इंतजाम किया है, ताकि छात्रों को मध्याह्न भोजन योजना (Mid-Day Meal) के तहत भोजन मिल सके।

अभिभावकों ने इस स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि लकड़ी और उपलों पर खाना बनाने से धुआं और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ जाते हैं। कई लोग प्रशासन से आग्रह कर रहे हैं कि शीघ्र एलपीजी आपूर्ति बहाल की जाए और बच्चों के भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।

विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूलों में गैस की कमी केवल खाना पकाने तक सीमित नहीं है। यह शिक्षण और स्वास्थ्य दोनों पर असर डाल सकती है। धुआं और खुले चूल्हों से निकलने वाला प्रदूषण बच्चों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इसलिए यह आवश्यक है कि एलपीजी की आपूर्ति नियमित और सुरक्षित बनी रहे।

पटना जिले में यह समस्या उस समय और गंभीर हो गई है, जब पूरे देश में एलपीजी की आपूर्ति पर वैश्विक संकट और मांग में बढ़ोतरी के कारण दबाव है। स्थानीय प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि वे जल्द से जल्द सिलेंडरों की आपूर्ति को सुनिश्चित करेंगे और स्कूलों में खाना पकाने की समस्या का समाधान करेंगे।

इस संकट ने यह भी उजागर किया है कि बच्चों के लिए भोजन और पोषण की स्थिर व्यवस्था बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण है। कई स्कूलों ने हालात के हिसाब से लकड़ी और उपलों के चूल्हों का इस्तेमाल किया है, लेकिन यह केवल अस्थायी उपाय माना जा रहा है।

पटना जिले के स्कूल प्रशासन और सरकार इस समस्या को गंभीरता से देख रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही गैस की आपूर्ति बहाल होगी, स्कूलों में नियमित एलपीजी चूल्हों पर खाना पकाना शुरू हो जाएगा।

इस प्रकार, पटना के कई स्कूलों में गैस संकट ने बच्चों के मध्याह्न भोजन की व्यवस्था पर असर डाला है। लकड़ी और उपलों के चूल्हों का उपयोग एक अस्थायी समाधान है, लेकिन प्रशासन को जल्द ही स्थायी और सुरक्षित उपाय अपनाने की जरूरत है, ताकि बच्चों को पोषण और स्वास्थ्य दोनों की सुरक्षा मिल सके।

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