मुजफ्फरपुर में गूंजा ‘गणपति बप्पा मोरया’, अबीर-गुलाल के बीच भगवान गणेश को दी गई विदाई
मुजफ्फरपुर में गणेश उत्सव के समापन के साथ भगवान गणेश की प्रतिमाओं का विसर्जन धूमधाम से किया गया। ‘गणपति बप्पा मोरया’ और ‘अगले बरस तू जल्दी आना’ के जोरदार जयघोष के बीच हजारों श्रद्धालुओं ने गणपति बप्पा को भावपूर्ण विदाई दी। इस दौरान शहर में जगह-जगह ढोल-ताशों की गूंज सुनाई दी और श्रद्धालु अबीर-गुलाल उड़ाते हुए उत्साह के साथ विसर्जन यात्रा में शामिल हुए।
गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर सुबह से ही श्रद्धालुओं में खासा उत्साह नजर आया। पूजा पंडालों और घरों में स्थापित भगवान गणेश की प्रतिमाओं को विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने के बाद विसर्जन के लिए निकाला गया। प्रतिमाओं के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुलूस में शामिल हुए। ढोल-ताशों की धुन पर भक्त नाचते-गाते हुए आगे बढ़े और लगातार गणपति बप्पा के जयकारे लगाते रहे।
विसर्जन यात्रा के दौरान कई जगहों पर अबीर-गुलाल उड़ाया गया। श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर गणेश उत्सव की खुशियां साझा कीं। बच्चों और युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। वहीं, महिलाएं भी बड़ी संख्या में विसर्जन यात्रा में शामिल हुईं। पूरे रास्ते ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
भगवान गणेश की प्रतिमा को विसर्जन स्थल तक ले जाने के दौरान श्रद्धालुओं ने गणपति बप्पा से परिवार में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। कई भक्त प्रतिमा विसर्जन के समय भावुक भी नजर आए। भक्तों ने ‘अगले बरस तू जल्दी आना’ का जयघोष करते हुए भगवान गणेश को विदाई दी।
गणेश उत्सव के दौरान कई दिनों तक शहर में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। जगह-जगह पूजा पंडाल सजाए गए और भगवान गणेश की आराधना की गई। उत्सव के अंतिम दिन प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ आयोजन का समापन हुआ।
श्रद्धालुओं के लिए गणेश विसर्जन केवल प्रतिमा को जल में प्रवाहित करने की परंपरा नहीं, बल्कि भगवान गणेश के अगले वर्ष फिर से आगमन की उम्मीद का प्रतीक भी है। इसी भावना के साथ श्रद्धालुओं ने नम आंखों से गणपति बप्पा को विदाई दी और अगले बरस फिर जल्दी आने की प्रार्थना की।

