बिहार सिपाही भर्ती परीक्षा में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। शारीरिक दक्षता जांच (फिजिकल टेस्ट) के दौरान चार अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया गया, जिन्होंने लिखित परीक्षा में अपनी जगह डमी कैंडिडेट बैठाकर परीक्षा पास की थी। बायोमेट्रिक सत्यापन और दस्तावेजों की कड़ी जांच के दौरान इस धोखाधड़ी का पर्दाफाश हुआ।
जानकारी के अनुसार, शारीरिक जांच के समय जब अभ्यर्थियों के बायोमेट्रिक डेटा का मिलान किया गया, तो रिकॉर्ड में दर्ज फिंगरप्रिंट और मौके पर लिए गए बायोमेट्रिक डेटा में अंतर पाया गया। इसके बाद अधिकारियों ने दस्तावेजों की दोबारा जांच की, जिसमें गड़बड़ी सामने आई। पूछताछ में आरोपियों ने लिखित परीक्षा में डमी कैंडिडेट बैठाने की बात स्वीकार की।
गिरफ्तार किए गए चारों अभ्यर्थी गया, छपरा, नालंदा और पटना जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने सभी को हिरासत में लेकर विस्तृत पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि इस फर्जीवाड़े के पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय हो सकता है, जो पैसों के बदले परीक्षा में डमी उम्मीदवार उपलब्ध कराता है।
भर्ती प्रक्रिया का संचालन Central Selection Board of Constable (CSBC) द्वारा किया जा रहा है। बोर्ड के अधिकारियों ने कहा है कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन, फोटो मिलान और दस्तावेजों की बहुस्तरीय जांच की व्यवस्था की गई है। इसी सख्ती के कारण यह मामला पकड़ में आया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच कई स्तरों पर की जा रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि डमी कैंडिडेट कौन थे, उन्हें किसने भेजा और इस पूरे नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका रही। यदि संगठित गिरोह की पुष्टि होती है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि सख्त निगरानी व्यवस्था के कारण ही इस तरह की गड़बड़ी समय रहते पकड़ में आ गई।
भर्ती बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने पर अभ्यर्थियों की उम्मीदवारी रद्द की जाएगी और उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाएगा। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटी है और आगे और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।

