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नेपाल की बाढ़ में फंसे बिहार के चार मजदूर सुरक्षित लौटे घर, बोले- धुएं की तरह आया पानी का सैलाब, संभलने का मौका नहीं मिला

नेपाल की बाढ़ में फंसे बिहार के चार मजदूर सुरक्षित लौटे घर, बोले- धुएं की तरह आया पानी का सैलाब, संभलने का मौका नहीं मिला

नेपाल के रसुवा जिले में आई भीषण बाढ़ में फंसे पश्चिम चंपारण जिले के चनपटिया के चार मजदूर सुरक्षित अपने घर लौट आए हैं। बाढ़ के बीच फंसे इन मजदूरों को हेलिकॉप्टर की मदद से रेस्क्यू किया गया था। शुक्रवार को घर पहुंचने के बाद मजदूरों ने उस खौफनाक मंजर को याद किया, जिसे सुनकर हर कोई दहशत में आ गया। उन्होंने बताया कि अचानक ऐसा लगा जैसे धुएं की तरह पानी का सैलाब उनकी ओर बढ़ रहा है और किसी को संभलने तक का मौका नहीं मिला।

मजदूरों के अनुसार, बुधवार सुबह नेपाल के रसुवा इलाके में अचानक बाढ़ आ गई। देखते ही देखते पानी का तेज बहाव चारों तरफ फैल गया। हालात इतने भयावह थे कि लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कुछ ही समय में पूरा इलाका जलमग्न हो गया और लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा।

बाढ़ में फंसे मजदूरों में चनपटिया क्षेत्र के पूर्वी तुरहापट्टी पंचायत के तीन मजदूर और रामनगर थाना क्षेत्र का एक मजदूर शामिल था। ये सभी नेपाल में रहकर मजदूरी, कारपेंटर और टाइल्स लगाने का काम करते थे। अचानक आई आपदा के बाद उनका संपर्क भी टूट गया था, जिससे बिहार में उनके परिवारों की चिंता बढ़ गई थी।

मजदूरों ने बताया कि वे एक कमरे में कई लोग रह रहे थे। बुधवार सुबह कुछ लोग काम पर चले गए थे, जबकि कुछ कमरे पर ही थे। तभी अचानक बाढ़ का पानी तेजी से आया। पानी इतना तेज था कि कुछ समझने से पहले ही हालात बिगड़ गए। जान बचाने के लिए उन्होंने ऊंचाई वाले स्थानों की ओर भागकर अपनी जान बचाई।

बचाव अभियान के दौरान नेपाली सेना ने हेलिकॉप्टर की मदद से इन मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला। उन्हें पहले सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया, जहां खाने-पीने और जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई। इसके बाद वे नेपाल से होते हुए शुक्रवार को अपने घर पहुंचे।

घर लौटने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली। कई दिनों से परिवार अपने लोगों की सलामती को लेकर परेशान था। मजदूरों ने बताया कि नेपाल पुलिस और बचाव दल ने उनकी काफी मदद की और मुश्किल समय में उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने का काम किया।

हालांकि, इस बाढ़ में उनके साथ काम करने वाले कुछ अन्य मजदूर अब भी लापता बताए जा रहे हैं। परिजन उनकी तलाश और सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं। रसुवा में आई इस प्राकृतिक आपदा ने कई लोगों की जिंदगी को प्रभावित किया है और राहत-बचाव अभियान अभी भी जारी है।

बिहार लौटे मजदूरों की आपबीती ने नेपाल में आई बाढ़ की भयावहता को सामने ला दिया है। उनका कहना है कि कुछ ही मिनटों में हालात इतने बदल गए कि किसी को अपनी जान बचाने के अलावा कुछ सोचने का मौका नहीं मिला।

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