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RJD के पूर्व ब्राह्मण चेहरे मृत्युंजय तिवारी आज थामेंगे BJP का दामन, प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी दिलाएंगे सदस्यता

RJD के पूर्व ब्राह्मण चेहरे मृत्युंजय तिवारी आज थामेंगे BJP का दामन, प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी दिलाएंगे सदस्यता

बिहार की राजनीति में बड़ा सियासी बदलाव देखने को मिल सकता है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के लंबे समय तक मजबूत ब्राह्मण चेहरे के रूप में पहचाने जाने वाले मृत्युंजय तिवारी आज भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने जा रहे हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी पार्टी कार्यालय में उन्हें सदस्यता दिलाएंगे। मृत्युंजय तिवारी के भाजपा में शामिल होने की खबर के बाद बिहार की सियासत में चर्चाएं तेज हो गई हैं। तिवारी लंबे समय तक राजद के साथ जुड़े रहे और पार्टी में ब्राह्मण समाज के प्रमुख नेताओं में उनकी गिनती होती रही है। अब उनके भाजपा में जाने को आगामी राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मृत्युंजय तिवारी पार्टी की औपचारिक सदस्यता ग्रहण करेंगे। इस दौरान पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रह सकते हैं।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बिहार में सभी दल लगातार अपने सामाजिक समीकरण मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे में मृत्युंजय तिवारी का भाजपा में शामिल होना पार्टी के लिए ब्राह्मण वोट बैंक को साधने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

मृत्युंजय तिवारी ने राजद में रहते हुए संगठन और चुनावी राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई है। वह पार्टी के विभिन्न मंचों पर अपनी बात मजबूती से रखते रहे हैं। उनके भाजपा में शामिल होने से राजद को झटका माना जा रहा है, वहीं भाजपा इसे अपने विस्तार के तौर पर देख रही है।हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि भाजपा में शामिल होने के बाद मृत्युंजय तिवारी को कौन-सी जिम्मेदारी दी जाएगी। पार्टी नेतृत्व की ओर से इस संबंध में बाद में घोषणा की जा सकती है।

बिहार में अगले राजनीतिक चरण को देखते हुए नेताओं का दल बदलना लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। विभिन्न दल अपने संगठन को मजबूत करने और नए नेताओं को जोड़ने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।मृत्युंजय तिवारी के भाजपा में शामिल होने के बाद बिहार की राजनीति में इसके असर को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। अब देखना होगा कि उनके आने से भाजपा को कितना राजनीतिक लाभ मिलता है और राजद की रणनीति पर इसका क्या असर पड़ता है।

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