बाड़ी घाटी में फॉलोअप सेवा शिविर, ग्रामीणों ने राजस्व तरमीम और रोडवेज बस ठहराव की मांग उठाई
क्षेत्र में आयोजित फॉलोअप सेवा शिविर में ग्रामीणों ने स्थानीय समस्याओं को लेकर अपनी मांगें प्रशासन के सामने रखीं। शिविर के दौरान ग्रामीणों ने राजस्व तरमीम से संबंधित समस्या के समाधान के साथ रोडवेज बसों का ठहराव शुरू कराने की मांग उठाई। ग्रामीणों ने कहा कि इन समस्याओं के कारण उन्हें रोजमर्रा के कामों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है।
शिविर में पहुंचे ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने राजस्व रिकॉर्ड और तरमीम से जुड़ी समस्याओं की जानकारी दी। ग्रामीणों का कहना था कि राजस्व संबंधी कार्यों में होने वाली देरी के कारण कई लोगों को अपने जरूरी काम पूरे कराने के लिए बार-बार संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। उन्होंने प्रशासन से मामले का जल्द समाधान कराने की मांग की।
इसके अलावा ग्रामीणों ने क्षेत्र में रोडवेज बसों के ठहराव की मांग भी प्रमुखता से उठाई। उनका कहना है कि बाड़ी घाटी में रोडवेज बसों का नियमित ठहराव नहीं होने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी होती है। खासकर विद्यार्थियों, महिलाओं, बुजुर्गों और दैनिक कामकाज के लिए बाहर जाने वाले लोगों को निजी साधनों पर निर्भर रहना पड़ता है।
ग्रामीणों ने अधिकारियों से मांग की कि क्षेत्र में संचालित रोडवेज बसों का निर्धारित ठहराव सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिल सके। ग्रामीणों ने कहा कि बस ठहराव होने से आसपास के गांवों के लोगों को भी आवागमन में राहत मिलेगी।
फॉलोअप सेवा शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों की पूर्व में दर्ज समस्याओं की प्रगति की समीक्षा करना और लंबित मामलों का समाधान सुनिश्चित करना रहा। शिविर में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं और संबंधित विभागों से जल्द कार्रवाई की उम्मीद जताई।
ग्रामीणों ने कहा कि इस तरह के शिविर गांवों में प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का बेहतर माध्यम हैं। यदि शिविर में उठाई गई समस्याओं का समय पर समाधान होता है तो लोगों को काफी राहत मिल सकती है।
शिविर के दौरान ग्रामीणों ने राजस्व तरमीम और रोडवेज बस ठहराव सहित अन्य स्थानीय समस्याओं के समाधान की मांग रखी। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द आवश्यक कार्रवाई करेगा।
बाड़ी घाटी में आयोजित फॉलोअप सेवा शिविर में ग्रामीणों की समस्याएं प्रमुखता से सामने आईं। अब लोगों की नजर संबंधित विभागों की ओर से इन मांगों पर की जाने वाली कार्रवाई पर है।

