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बिहार में बाढ़ से बिगड़े हालात, 68.80 लाख हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित; वीडियो में जाने 4 लाख लोग संकट में

बिहार में बाढ़ से बिगड़े हालात, 68.80 लाख हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित; वीडियो में जाने 4 लाख लोग संकट में

बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। राज्य सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, बिहार का करीब 68.80 लाख हेक्टेयर क्षेत्र यानी लगभग 73 फीसदी हिस्सा बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के दायरे में आता है। राज्य के 38 में से 28 जिले ऐसे हैं, जिन्हें बाढ़ की चपेट में आने वाले जिलों के तौर पर चिन्हित किया गया है। इस बार गंडक नदी के उफान और कई जगह तटबंधों को नुकसान पहुंचने के बाद हालात और चुनौतीपूर्ण हो गए हैं।

गंडक नदी के बढ़े जलस्तर का असर सारण समेत करीब 6 जिलों में देखने को मिल रहा है। इन जिलों के लगभग 255 गांव बाढ़ की चपेट में बताए जा रहे हैं। बाढ़ के कारण करीब 4 लाख की आबादी प्रभावित हुई है, जबकि करीब 44 हजार लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। प्रभावित इलाकों में लोगों को राहत और बचाव कार्यों के जरिए मदद पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।

बिहार की कई प्रमुख नदियां इस समय उफान पर हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में पानी फैलने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ का असर खेती, सड़क संपर्क और जनजीवन पर पड़ रहा है। कई जगह लोगों को आवागमन के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है।बिहार सरकार हर साल बाढ़ से निपटने और बाढ़ नियंत्रण से जुड़े कार्यों पर करीब साढ़े 6 हजार करोड़ रुपये खर्च करती है। राज्य में बड़ी आबादी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने के कारण सरकार के सामने हर साल बाढ़ से पहले तैयारियां करने और बाढ़ के दौरान राहत पहुंचाने की चुनौती रहती है।

यूपी में बारिश का अलर्ट नहीं, नदियां अब भी उफान पर

उधर, उत्तर प्रदेश में शनिवार सुबह से ज्यादातर जिलों में धूप निकली हुई है। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के किसी भी जिले के लिए बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है। हालांकि बारिश थमने के बावजूद नदियों के जलस्तर को लेकर चिंता बनी हुई है। प्रदेश की गंगा और शारदा समेत करीब 15 नदियां खतरे के निशान के आसपास बह रही हैं।उन्नाव में सई नदी का पानी कई गांवों तक पहुंच गया है। बताया जा रहा है कि नदी का पानी 12 से ज्यादा गांवों में घुसने के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ बढ़ सकती हैं।

बिहार और उत्तर प्रदेश दोनों राज्यों में फिलहाल बारिश की स्थिति अलग-अलग है। बिहार में बाढ़ का असर बड़े क्षेत्र में दिखाई दे रहा है, जबकि उत्तर प्रदेश में बारिश का तत्काल अलर्ट नहीं है। इसके बावजूद दोनों राज्यों में नदियों के जलस्तर पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव व्यवस्था को सक्रिय रखने के साथ लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है।

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