बिहार में बाढ़ की स्थिति विकराल: 14 जिलों के 2,360 गांवों में 44 लाख आबादी पानी से घिरी, 8 नदियां खतरे के निशान से ऊपर
बिक करीब 14 जिलों के 2,360 गांवों में 44 लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित है। कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ने की आशंका बनी हुई है। हालिया रिपोर्टों में भी 14 जिलों में 43.64 लाख से अधिक लोगों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।
8 नदियां खतरे के निशान से ऊपर
बिहार में गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन, बागमती और घाघरा समेत कई नदियां अलग-अलग स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इससे नदी किनारे बसे गांवों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है।भागलपुर, पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली और बेगूसराय समेत कई जिलों में बाढ़ का असर दिखाई दे रहा है। सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर हाल ही में 2021 के पिछले उच्चतम बाढ़ स्तर से भी ऊपर दर्ज किया गया था।
गांवों में घुसा पानी, जनजीवन प्रभावित
बाढ़ का पानी गांवों तक पहुंचने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई जगह सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है और लोगों को आवागमन के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। खेतों में पानी भरने से किसानों के सामने फसल नुकसान का खतरा भी बढ़ गया है।लगातार जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कवायद तेज की गई है। प्रशासन की ओर से राहत शिविर और सामुदायिक रसोई चलाने के साथ प्रभावित लोगों तक भोजन और जरूरी सामान पहुंचाया जा रहा है।
राहत-बचाव के लिए NDRF और SDRF तैनात
बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। प्रशासन ने संवेदनशील जिलों में NDRF और SDRF की टीमें तैनात की हैं। इससे पहले सरकार ने 33 बचाव दलों और करीब 700 सरकारी नावों को बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगाया था।अधिकारियों की ओर से नदियों और तटबंधों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और तेज बहाव वाले पानी में नहीं उतरने की सलाह दी जा रही है।
बारिश का दौर जारी, बढ़ी चिंता
बिहार में पिछले कुछ दिनों से बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने बाढ़ का दायरा बढ़ाया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के बीच प्रशासन की नजर अगले कुछ दिनों के मौसम पर बनी हुई है। अगर बारिश का नया दौर शुरू होता है तो पहले से बाढ़ की मार झेल रहे इलाकों में मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित आबादी तक समय पर राहत पहुंचाना और लोगों को सुरक्षित रखना है। प्रशासन की टीमें बाढ़ग्रस्त इलाकों में स्थिति की निगरानी कर रही हैं, जबकि नदी किनारे बसे लोगों में जलस्तर को लेकर चिंता बनी हुई है।

