पूर्व सैनिकों से जमीन के नाम पर करोड़ों की ठगी, 69 लोगों की फर्जी रजिस्ट्री कराने का आरोप; FIR दर्ज
बिहार में पूर्व सैनिकों को जमीन दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये के कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक गिरोह ने जमीन दिखाकर पूर्व सैनिकों और अन्य लोगों को अपने झांसे में लिया और करीब 69 लोगों की फर्जी रजिस्ट्री करा दी। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
SDPO के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने लोगों को जमीन का भरोसा दिलाकर दस्तावेज तैयार कराए। इसके बाद अलग-अलग लोगों के नाम पर रजिस्ट्री कराई गई। आरोप है कि जिस जमीन का सौदा किया जा रहा था, उससे जुड़े दस्तावेजों और वास्तविक स्वामित्व को लेकर गंभीर अनियमितताएं थीं।
जमीन दिखाकर लोगों को लिया झांसे में
बताया जा रहा है कि आरोपियों ने पूर्व सैनिकों और अन्य खरीदारों को जमीन दिखाई। जमीन पसंद आने के बाद उनसे रकम ली गई और रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कराई गई। खरीदारों को उस समय यह भरोसा था कि उन्हें वैध जमीन मिल रही है।
बाद में जब खरीदारों ने जमीन पर कब्जा लेने या उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच कराने की कोशिश की तो कथित फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। इसके बाद पीड़ितों ने पुलिस से शिकायत की।
69 लोगों की फर्जी रजिस्ट्री का आरोप
पुलिस के अनुसार, अब तक की जांच में करीब 69 लोगों की रजिस्ट्री सामने आई है, जिन्हें फर्जीवाड़े का शिकार बनाए जाने का आरोप है। मामले में शामिल लोगों ने अलग-अलग तरीके से दस्तावेजों का इस्तेमाल कर जमीन की बिक्री और रजिस्ट्री कराई।
पुलिस अब रजिस्ट्री कार्यालय से संबंधित दस्तावेज और रिकॉर्ड जुटा रही है। यह भी जांच की जा रही है कि जमीन की वास्तविक स्थिति क्या थी और रजिस्ट्री के दौरान किन दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया।
करोड़ों रुपये के लेनदेन की जांच
मामले में करोड़ों रुपये की ठगी की आशंका जताई जा रही है। पुलिस पीड़ितों से ली गई रकम और आरोपियों के बैंक खातों से जुड़े लेनदेन की जांच कर सकती है। इसके साथ ही पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस फर्जीवाड़े में कितने लोग शामिल हैं और पूरे नेटवर्क का संचालन किस तरह किया जा रहा था।
जांच एजेंसियां आरोपियों की संपत्ति और बैंक खातों की जानकारी भी जुटा सकती हैं, ताकि ठगी से हासिल रकम का पता लगाया जा सके।
FIR दर्ज, जांच में जुटी पुलिस
मामले में FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है और दस्तावेजों का सत्यापन कराया जा रहा है। आरोपियों की भूमिका सामने आने के बाद उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि फर्जी रजिस्ट्री कराने में किसी अंदरूनी व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेजों और संबंधित लोगों के बयान मामले की जांच में अहम हो सकते हैं।
पूर्व सैनिकों को जमीन के नाम पर कथित तौर पर ठगने के इस मामले ने जमीन खरीद-बिक्री में दस्तावेजों की जांच और कानूनी सत्यापन की जरूरत को एक बार फिर सामने ला दिया है। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ फर्जीवाड़े से जुड़े अन्य लोगों और लेनदेन की पूरी जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

