पटना में इंजीनियर का लिफ्ट वाला बंगला, नोएडा में फ्लैट; पत्नी-सास के नाम भी करोड़ों की प्रॉपर्टी, छापेमारी में खुलासा
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के बीच भवन निर्माण विभाग के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर सत्येंद्र कुमार चौधरी के ठिकानों पर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की छापेमारी में करोड़ों रुपये की संपत्ति का खुलासा हुआ है। टीम ने पटना के फुलवारी शरीफ और एजी कॉलोनी के अलावा पूर्णिया स्थित आवास और कार्यालय पर तलाशी ली। जांच के दौरान फुलवारी शरीफ में पांच मंजिला मकान मिला, जिसमें लिफ्ट, सोलर पैनल, महंगे फर्नीचर और करीब 10 एसी लगे होने की जानकारी सामने आई है।
पांच मंजिला मकान में लिफ्ट और सोलर पैनल
निगरानी टीम के मुताबिक, फुलवारी शरीफ स्थित मकान काफी बड़ा और सुविधाओं से लैस है। इसमें पांच मंजिल होने के साथ लिफ्ट और सोलर पैनल लगाए गए हैं। घर के अंदर महंगे फर्नीचर के अलावा बड़ी संख्या में एयर कंडीशनर भी मिले हैं। इसके अलावा पटना की एजी कॉलोनी में भी इंजीनियर के तीन मंजिला मकान का पता चला है। दोनों मकानों की वास्तविक कीमत का आकलन जांच एजेंसी की ओर से कराया जा रहा है।
जांच के दौरान ग्रेटर नोएडा में एक फ्लैट होने की जानकारी भी सामने आई है। एजेंसी इस संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों और उसके मूल्य की जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार तलाशी में सामने आए दस्तावेजों के आधार पर संपत्तियों का अंतिम आकलन किया जाएगा।
नौबतपुर और दानापुर में जमीन
छापेमारी के दौरान सत्येंद्र कुमार चौधरी, उनकी पत्नी उषा देवी और परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर कई अचल संपत्तियों का पता चलने की बात कही गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2011 से 2025 के बीच इन संपत्तियों की खरीद की गई। नौबतपुर में करीब 74 डिसमिल जमीन और दानापुर में लगभग 7.18 डिसमिल जमीन का पता चला है।
जांच एजेंसी के अनुसार इन जमीनों की कीमत करीब 3 करोड़ 60 लाख 58 हजार 70 रुपये आंकी गई है। तलाशी के दौरान सामने आई कुल सात अचल संपत्तियों की जानकारी भी जांच का हिस्सा है।
आय से अधिक संपत्ति का आरोप
निगरानी टीम के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में करीब 1 करोड़ 97 लाख 50 हजार 70 रुपये की आय से अधिक संपत्ति का पता चला है। चल संपत्तियों का मूल्य करीब 26 लाख रुपये बताया गया है। एजेंसी का दावा है कि यह राशि उनकी ज्ञात आय की तुलना में अधिक है। हालांकि, संपत्तियों और आय का अंतिम मूल्यांकन जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
गहने, नकदी और निवेश के दस्तावेज भी मिले
तलाशी के दौरान करीब एक लाख रुपये नकद के अलावा सोने, चांदी और हीरे के आभूषण मिलने की जानकारी दी गई है। बैंक खातों और एलआईसी निवेश से संबंधित दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। इसके अलावा एक हुंडई कार भी मिलने की बात सामने आई है।
फिलहाल निगरानी टीम संपत्तियों के दस्तावेज, खरीद की तारीख, कीमत और इंजीनियर की घोषित आय का मिलान कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कुल कितनी संपत्ति आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक पाई जाती है और मामले में आगे क्या कानूनी कार्रवाई होती है।

