Samachar Nama
×

बगहा-बेतिया में तटबंध टूटा, रिहायशी इलाकों में भरा बाढ़ का पानी: मोतिहारी में रिंग बांध डैमेज, स्टेट हाईवे पर बह रही नदी; आज बारिश का अलर्ट नहीं

बगहा-बेतिया में तटबंध टूटा, रिहायशी इलाकों में भरा बाढ़ का पानी: मोतिहारी में रिंग बांध डैमेज, स्टेट हाईवे पर बह रही नदी; आज बारिश का अलर्ट नहीं

बिहार में मानसून की गतिविधियां कमजोर पड़ने के बावजूद गंडक समेत कई नदियों के बढ़े जलस्तर ने उत्तर बिहार के कई इलाकों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पश्चिम चंपारण के बगहा में गंडक नदी के दबाव से चंपारण तटबंध का हिस्सा टूट गया। इसके बाद बाढ़ का पानी निचले और रिहायशी इलाकों में फैल गया। बगहा शहर के कई वार्डों में पानी घुसने से जनजीवन प्रभावित है। वहीं बेतिया-बगहा और बगहा-वाल्मीकिनगर मार्ग पर भी पानी भर गया है।

150 फीट तटबंध टूटा, गांवों में फैला पानी

पश्चिम चंपारण के बगहा-1 प्रखंड में खैरटवा के पास चंपारण तटबंध का करीब 150 फीट हिस्सा टूटने की सूचना है। पानी के तेज दबाव के कारण तटबंध के टूटने के बाद आसपास के निचले इलाकों में तेजी से पानी फैलने लगा। कई गांवों के लोगों में अफरातफरी की स्थिति बन गई और लोग अपने सामान को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने लगे।

जल संसाधन विभाग के अनुसार बगहा के पास गंडक नदी का जलस्तर हाई फ्लड लेवल से ऊपर पहुंच गया था। आधिकारिक बाढ़ निगरानी आंकड़ों में बगहा में गंडक का जलस्तर 91.02 मीटर दर्ज किया गया, जबकि वहां हाई फ्लड लेवल 90.30 मीटर है।

बगहा शहर के कई वार्डों में घुसा पानी

तटबंध टूटने के साथ ही बगहा शहर के निचले इलाकों में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया। रिपोर्ट के मुताबिक शहर के नौ वार्ड प्रभावित हुए हैं। एसपी कार्यालय, पुलिस लाइन और किसान भवन परिसर में भी पानी भरने की जानकारी सामने आई है।

बगहा-बेतिया और बगहा-वाल्मीकिनगर मार्ग पर पानी आने से आवागमन प्रभावित हुआ है। कुछ इलाकों में लोगों को नाव के जरिए एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाना पड़ रहा है।

बेतिया का गोरखपुर से संपर्क प्रभावित

गंडक के बढ़े जलस्तर का असर बेतिया इलाके में भी दिखाई दे रहा है। एनएच-727 पर करीब दो फीट तक पानी पहुंचने की रिपोर्ट है। इसके कारण बेतिया और गोरखपुर के बीच सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। बेतिया के कई मोहल्लों में भी बाढ़ का पानी पहुंचने की जानकारी सामने आई है।

मोतिहारी, गोपालगंज और सारण भी प्रभावित

गंडक नदी की बाढ़ का असर पश्चिम चंपारण के अलावा पूर्वी चंपारण, गोपालगंज और सारण में भी देखा जा रहा है। पूर्वी चंपारण के संग्रामपुर और अरेराज के कई गांवों में पानी पहुंचने की सूचना है। गोपालगंज में कई ग्रामीण सड़कों के डूबने से आवागमन प्रभावित हुआ है। सारण में भी खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान की खबर है।

बाढ़ निगरानी विभाग के आंकड़ों के मुताबिक गंडक, बूढ़ी गंडक, कोसी, गंगा और अन्य नदियों के कई निगरानी केंद्रों पर जलस्तर चेतावनी या खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया है। बगहा के अलावा त्रिवेणी, गोपालगंज के डुमरियाघाट और अन्य स्थानों पर भी नदी का जलस्तर ऊंचा है।

आज बारिश का अलर्ट नहीं

बाढ़ के बीच मौसम को लेकर राहत की खबर है। 29 सितंबर को बिहार के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कमजोर रहने और मौसम के अपेक्षाकृत शुष्क रहने का पूर्वानुमान है। उत्तर बिहार के कई इलाकों में बारिश की संभावना नहीं बताई गई है। ऐसे में फिलहाल नई बारिश से राहत मिल सकती है, हालांकि नदियों में पहले से मौजूद अतिरिक्त पानी के कारण बाढ़ का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीमें प्रभावित इलाकों में स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। तटबंध की मरम्मत और पानी के बहाव को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है।

Share this story

Tags