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'अपनी निष्पक्षता साबित करे चुनाव आयोग': पीके बोले- जनसुराज कोई खुला दरवाजा नहीं, बिहार की जनता नया विकल्प तलाश रही

'अपनी निष्पक्षता साबित करे चुनाव आयोग': पीके बोले- जनसुराज कोई खुला दरवाजा नहीं, बिहार की जनता नया विकल्प तलाश रही

जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि आयोग को अपनी निष्पक्षता खुद साबित करनी होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों में गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठते रहे हैं और केवल किसी एक अधिकारी के हटने या रहने से पूरी व्यवस्था में बदलाव नहीं आएगा।

प्रशांत किशोर इन दिनों बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर लगातार सक्रिय हैं। इसी सिलसिले में वह बेगूसराय पहुंचे, जहां उन्होंने स्थानीय चिकित्सकों, बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस दौरान जन सुराज से जुड़े राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि समाज के पढ़े-लिखे और प्रबुद्ध लोगों की राजनीति में सक्रिय भागीदारी जरूरी है।

'जन सुराज कोई खुला दरवाजा नहीं'

प्रशांत किशोर ने जन सुराज में नेताओं के शामिल होने को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि जन सुराज कोई ऐसा खुला दरवाजा नहीं है, जहां कोई भी व्यक्ति अपनी इच्छा से आकर शामिल हो जाए। उनके मुताबिक संगठन में किसी व्यक्ति को शामिल करने से पहले उसकी सामाजिक छवि, निष्ठा और सार्वजनिक जीवन के रिकॉर्ड को देखा जाता है।

उन्होंने कहा कि अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं से सामान्य मुलाकात को पार्टी में शामिल होने से जोड़ना उचित नहीं है। उनके मुताबिक कुछ नेताओं के परिवार के सदस्य पहले से ही जन सुराज से जुड़े हुए हैं, इसलिए ऐसी मुलाकातों को राजनीतिक घटनाक्रम के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल

चुनाव आयोग को लेकर प्रशांत किशोर ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में आयोग की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट तैयार करने से लेकर आचार संहिता, चुनाव की तारीखों और मतगणना तक अलग-अलग स्तरों पर सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को किसी के प्रभाव से मुक्त होकर काम करना चाहिए।

प्रशांत किशोर ने यह भी कहा कि अगर किसी संस्था के कामकाज में गड़बड़ी होती है तो न्यायपालिका की ओर से नोटिस जारी किया जाना स्वाभाविक है, लेकिन गंभीर मामलों में सिर्फ नोटिस से सुधार नहीं होगा। उनका कहना था कि चुनाव आयोग की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए संस्था को अपनी निष्पक्षता साबित करनी होगी।

बिहार के लिए नए राजनीतिक विकल्प का दावा

बेगूसराय में जन सुराज के कार्यक्रम के दौरान प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार की जनता पारंपरिक राजनीति से अलग मजबूत और नया विकल्प तलाश रही है। उन्होंने डॉक्टर, शिक्षक, इंजीनियर और अन्य प्रबुद्ध वर्गों से राजनीति और नीति-निर्धारण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।

विधान परिषद चुनाव को लेकर जन सुराज ने अपने उम्मीदवार भी घोषित किए हैं। प्रशांत किशोर लगातार अलग-अलग जिलों का दौरा कर संगठन को मजबूत करने और मतदाताओं के बीच पहुंच बढ़ाने में जुटे हैं। आने वाले दिनों में चुनाव आयोग और जन सुराज के बीच यह मुद्दा राजनीतिक बहस का अहम हिस्सा बन सकता है।

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