समस्तीपुर जिले के मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के बरबट्टा गांव में रविवार दोपहर एक भीषण आग लगने की घटना में एक बुजुर्ग महिला की दर्दनाक मौत हो गई। घटना की जानकारी स्थानीय लोगों और पुलिस ने साझा की।
सूत्रों के अनुसार, मृतक महिला घर में बंधी बकरियों को बचाने के प्रयास में आग के बीच अंदर गई। तभी अचानक आग ने भयावह रूप ले लिया और महिला गंभीर रूप से झुलस गई। आसपास के लोग आग बुझाने और महिला को बचाने की कोशिश में जुटे, लेकिन तब तक वह इतनी गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी कि अस्पताल पहुँचाने से पहले ही उसकी मौत हो गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आग इतनी तेज़ थी कि घर और आसपास की संपत्ति को भी काफी नुकसान पहुंचा। ग्रामीणों ने घटना के बाद तुरंत फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी। आग बुझाने के प्रयासों में कई पड़ोसियों ने भी भाग लिया।
मुसरीघरारी थाना पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि आग किसी दुर्घटनावश लगी होगी, हालांकि मामले की पूरी जांच की जा रही है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित परिवार को तत्काल राहत और मदद पहुंचाने का प्रयास किया।
स्थानीय प्रशासन ने बताया कि आग की चपेट में आने से हुई यह मौत पूरे गांव के लिए एक दुखद घटना है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ग्रामीणों को सावधानी बरतनी चाहिए और आग बुझाने के प्राथमिक उपायों की जानकारी रखना आवश्यक है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आग से सुरक्षा और सावधानी के उपाय महत्वपूर्ण हैं। लकड़ी, पुआल और अन्य ज्वलनशील सामग्री के आस-पास आग लगाने से बचना चाहिए। इसके साथ ही छोटे बच्चों और बुजुर्गों को आग के करीब न जाने देना चाहिए।
इस घटना ने स्थानीय लोगों में चिंता पैदा कर दी है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि उचित सावधानी बरती गई होती तो बुजुर्ग महिला की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि ग्रामीण इलाकों में आग सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाए।
पुलिस ने बताया कि मृतक महिला के परिवार को सभी आवश्यक मदद दी जा रही है। साथ ही प्रभावित संपत्ति के नुकसान का आकलन कर प्रशासनिक राहत प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
समस्तीपुर जिले में यह घटना आग की भयावहता और ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को उजागर करती है। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि आग लगने की स्थिति में तुरंत फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचित करें और अपनी सुरक्षा के साथ दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें।
इस प्रकार, बरबट्टा गांव की यह घटना न केवल एक परिवार के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए चेतावनी बन गई है कि आग जैसी प्राकृतिक और दुर्घटनापूर्ण आपदाओं से निपटने के लिए सतर्कता और तैयारी अत्यंत जरूरी है।

